लखनऊ। अमेठी के मुंशीगंज निवासी महिला मायावती के 2.30 लाख रुपये के फर्जी बिल बनाने के मामले में वहां वर्ष 2023 से अब तक जितने भी जेई-एसडीओ तैनात रहे, सब फंस गए हैं। इन जेई-एसडीओ ने महिला का बिल सही करने के बजाय उल्टे घर की बिजली ही काट दी थी। यह लापरवाही गत शुक्रवार को उस समय उजागर हुई, जब बिजली शिविर में महिला के बिल को सही करके 52 हजार रुपये का बनाया गया था। इस मामले में अमौसी जोन के मुख्य अभियंता रजत जुनेजा ने अधीक्षण अभियंता भविष्य कुमार सक्सेना को जांच कराने के आदेश दिए हैं।
मायावती के परिजन उमेश कुमार के मुताबिक 2020 में एक किलोवाट का घरेलू बिजली कनेक्शन लिया था। तीन साल तक कोई बिल नहीं आया। अचानक 2023 में करीब दो लाख रुपये का बिल थमा दिया गया। इसे सही कराने के लिए अमेठी उपकेंद्र से उपखंड तक खूब दौड़े, मगर जेई-एसडीओ ने कोई मदद नहीं की। वर्तमान जेई-एसडीओ ने तो कनेक्शन ही काट दिया था। कटी बिजली को चालू कराने के लिए कई बार जेई से मिलकर बिल सही करने का अनुरोध किया, मगर कोई सुनवाई नहीं की। उधर, वर्तमान एसडीओ संतोष कुशवाहा ने बताया कि शिविर लगने से पहले उपभोक्ता को फोन करके बुलाया था। उनके प्रार्थना पत्र पर जांच कराई गई, तब बिल सही हुआ।