तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने जया बच्चन को राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया था। कहा था कि यदि उन्हें यूपी से मौका नहीं मिला तो वह पश्चिम बंगाल से राज्यसभा भेजने के लिए तैयार हैं। समझा जाता है कि अखिलेश यादव ने करीब दस दिन पहले ममता बनर्जी से बात कर उन्हें आश्वस्त किया था कि जया बच्चन को फिर से अपना उम्मीदवार बना रहे हैं। जया बच्चन की सदस्यता 3 अप्रैल को समाप्त हो रही है।
अंबेडकर की राह आसान बनाएगी सपा
यूपी में सपा के 47 विधायक हैं इसलिए पार्टी का एक ही राज्यसभा सदस्य चुना जा सकता है। इसके बावजूद कुछ विधायक बच जाते हैं। सपा-बसपा में लोकसभा उपचुनाव के लिए हुए समझौते के बाद माना जा रहा है कि बसपा के 19 विधायकों के साथ सपा के शेष विधायक बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर की राह आसान बनाएंगे। कांग्रेस भी अंबेडकर का समर्थन कर सकती है। एक विधायक वाला रालोद पहले ही सपा-बसपा के समर्थन की घोषणा कर चुका है।
अमर ने कसा सपा व बच्चन परिवार पर तंज
जया बच्चन की उम्मीदवारी पर सांसद अमर सिंह ने इशारों ही इशारों में सपा और बच्चन परिवार पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया, राज्यसभा चुनाव के लिए नवीनतम उम्मीदवारी साबित करती है कि पार्टी सभी पनामा पेपर समाजवादी जन्नत में रखने की शौकीन है।