मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों तक कितना मुआवजा व सुविधाएं
पहुंचीं मुख्य सचिव बुधवार को इसकी समीक्षा करेंगे।
मुजफ्फरनगर का दौरा
करने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक सप्ताह के भीतर सभी पीड़ितों को
मुआवजा देने के साथ-साथ सरकार की ओर से घोषित अन्य सुविधाएं मुहैया कराने
के निर्देश दिए थे।
इसके बाद मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने भी सभी संबंधित
विभागों को मुआवजा वितरण आदि जल्द करने को कहा था। समीक्षा बैठक की सूचना
मिलने के बाद उन विभागों के आला अधिकारी हरकत में आ गए हैं जिनकी योजनाओं
का लाभ दंगा पीड़ितों को मिलना है।
शासन के अधिकारी सहारनपुर के मंडलायुक्त
व स्थानीय स्तर पर तैनात अपने अधीनस्थों से संपर्क करके जानकारी लेते रहे
कि कितने लोगों को सहायता मुहैया करा दी गई है?
मुख्य
सचिव ने 17 सितंबर को शासन के आला अधिकारियों और सहारनपुर के मंडलायुक्त
भुवनेश कुमार के साथ बैठक करके मुजफ्फरनगर दंगे में मारे गए लोगों के
आश्रितों को सरकार की ओर से घोषित 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल
उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
मुख्य
सचिव ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में दंगे में मरने वाले या घायल
व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना के तहत
शर्तों को शिथिल करते हुए सर्वे कराकर प्रतिमाह 400 रुपये की पेंशन स्वीकृत
करने के भी निर्देश दिए हैं।
जिन्हें अन्य किसी योजना के तहत कोई पेंशन न
प्राप्त हो रही हो। साथ ही दंगे में हुए क्षतिग्रस्त मकानों का एक सप्ताह
में सर्वे कराकर मकान की मरम्मत के लिए संबंधित व्यक्ति को तत्काल आर्थिक
सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि किसी का मकान दंगे में
पूरी तरह से नष्ट हो गया है तो संबंधित व्यक्ति को शर्तों को शिथिल करते
हुए लोहिया आवास योजना के तहत एक मकान प्रदेश सरकार की ओर से आवंटित करने
को कहा गया है।