लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) के पहले चेयरमैन मुख्य सचिव जावेद उस्मानी होंगे।
इस स्पेशल पर्पज व्हीकल के गठन का प्रस्ताव 18 सितंबर को होने वाली हाईपावर कमेटी की मीटिंग में रखा जाएगा। इस बैठक में डीएमआरसी ने एसपीवी को लेकर जो 204 नियमों का संविधान बनाया है, उसको भी हरी झंडी दिखाई जाएगी।
स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) के लिए 204 नियमों का एक संविधान बनाया गया है। जिसको द् कंपनी एक्ट 1956 के तहत पंजीकृत करवाया जाएगा।
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संविधान के मुताबिक एलएमआरसी न केवल लखनऊ बल्कि उत्तर प्रदेश भर के लिए रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम का निर्माण और संचालन करने वाली एक एजेंसी होगी। इसमें एक चेयरमैन होगा निदेशकों का एक मंडल भी होगा।
इनमें प्रमुख सचिव आवास, प्रमुख सचिव वित्त, सचिव आवास और एलडीए उपाध्यक्ष होंगे। यह स्थाई निदेशक होंगे। जबकि इनके अतिरिक्त 10 अन्य निदेशक भी बोर्ड में शामिल किए जाएंगे। एक वार्षिक आम सभा के अलावा समय समय पर बोर्ड मीटिंग होंगी।
लखनऊ मेट्रो के लिए आरडीएसओ भी करेगा मदद
इस स्पेशल पर्पज व्हीकल के संविधान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में जहां कहीं भी मेट्रो रेल का निर्माण किया जाएगा, वहां एलएमआरसी ही एसपवी होगी। मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने बताया कि, फिलहाल केंद्र का कोई भी सदस्य एलएमआरसी में शामिल नहीं किया जाएगा।
इसलिए चेयरमैन मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ही होंगे। बाद में केंद्र का अधिकारी चेयरमैन बनेगा। उसमें अभी समय लगेगा। इसके अतिरिक्त हाईपॉवर कमेटी के तहत 4 अन्य प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। जिनके जरिये मेट्रो परियोजना एक कदम और आगे बढ़ जाएगी।