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जाफरी बिगाड़ेंगे सियासी खेल, राजनाथ की मौज

Tue, 01 Apr 2014 06:47 PM IST
मनोज श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ से फिल्म अभिनेता जावेद जाफरी को टिकट देकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा को जाने-अनजाने राहत पहुंचाया है।
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असल में लखनऊ में साढ़े चार लाख मुस्लिम मतदाता हैं। पर इतनी बड़ी मतदाता संख्या होने के बावजूद सपा, बसपा या कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारा।

सब इस उम्मीद में हैं कि खुद को औरों से अधिक भाजपा विरोधी साबित कर अधिक से अधिक मुस्लिम मतों को अपनी ओर खींच लेंगे और मुख्य लड़ाई में आ जाएंगे।

पर आप ने जावेद जाफरी को टिकट देकर मुस्लिम मतों का विभाजन सुनिश्चित कर दिया। जाहिर है मुस्लिम मतों के बंटवारे से अंतत: राजनाथ की ही राह आसान होगी।
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केजरी, शास्‍त्री के बाद तय हुआ नाम जाफरी

अन्ना आंदोलन की हलचलों से हरकत में रहने वाले शहर लखनऊ में केजरीवाल का क्रेज देखा गया।

स्कूल-कॉलेजों से लेकर निजी प्रतिष्ठानों तक चर्चाओं का बाजार गर्म रहता था। स्वाभाविक है कि लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदार भी बड़ी संख्या में सामने आए।

पर सर्वाधिक चर्चा में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लालबहादुर शास्त्री के पोते आदर्श शास्त्री के नाम की थी। शहर में सवा लाख कायस्थ मतों के कारण अन्य कारणों से भी यह नाम लोगों को मुफीद लग रहा था।

पर मोदी के लखनऊ से मैदान में आने की चर्चाओं के बीच यह हो गया कि मोदी के खिलाफ केजरीवाल ही लड़ेंगे।

आजमी भी थे अड़े

मोदी चैप्टर समाप्त होने के बाद पूर्व सांसद इलियास आजमी अपनी घोषित सीट लखीमपुर खीरी के बजाय लखनऊ के लिए अड़ गए।

आजमी के लखनऊ से लड़ने को लेकर भी पार्टी के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। उनका नाम फाइनल न होने के बीच जावेद जाफरी व मौलाना कल्बे जव्वाद के नाम सामने आए।

पर रविवार को आदर्श शास्त्री के लखनऊ आने के बाद माना जा रहा था कि उनका नाम कमोबेश तय है। पर अंत में जावेद जाफरी बाजी मार ले गए।

जावेद के ल‌िए हैं कई चुनौतियां

हालांकि समाजशास्त्री डॉ. विनोद चंद्रा का कहना है कि सिर्फ जन्मना मुस्लिम होने के नाते जावेद जाफरी मुसलमानों की पहली पसंद नहीं हो सकते हैं।

लखनऊ का अधिकतर मुस्लिम वोट वहीं जाएगा जो भाजपा के सामने अपेक्षाकृत अधिक मजबूती से लड़ता दिखेगा। इस चुनाव में मुसलमान ग्लैमर या तड़क-भड़क के आधार पर वोट शायद ही करे।

हां, आम आदमी पार्टी का थोड़ा नुकसान हो सकता है क्योंकि इस पार्टी में ज्यादातर एक्टीविस्ट मिजाज के लोग हैं, ऐसे लोगों की कसौटी पर अभिनेता जावेद जाफरी शायद ही सही उतर पाएं।
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राजनाथ की हार का सपना लेकर आए थे शास्‍त्री

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते आदर्श शास्त्री भी जावेद जाफरी को टिकट मिलने से अचंभे में हैं।

हालांकि पार्टी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करते। कहते हैं कि पार्टी ने जो भी फैसला किया, वह स्वीकार है। मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं, जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।

हालांकि जावेद जाफरी के नाम की घोषणा के दो घंटे पहले ‘अमर उजाला’ से बातचीत में आदर्श ने कहा था, ‘मुझे संजय सिंह और मनीष सिसोदिया ने संकेत दे दिए हैं और उसी के बाद ही मैं लखनऊ पहुंचा।’

बातचीत में आदर्श ने यह तक कहा था कि लखनऊ से टिकट मिलने की स्थिति में मैं जीतूं न जीतूं, पर राजनाथ की हार अवश्य सुनिश्चित कर दूंगा।

राजनाथ सिंह की हार में मेरी जीत निहित होगी। गौरतलब है कि आदर्श रविवार को ही लखनऊ आ गए थे।
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