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दर्शकों के लिए बंद होगा जनेश्वर मिश्र पार्क

Fri, 08 Aug 2014 01:43 PM IST
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
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पांच अगस्त को लोकार्पित किया गया, जनेश्वर मिश्र पार्क आम दर्शकों के लिए बंद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पार्क का लोकार्पण तो कर दिया मगर दर्शकों के लिए आवश्यक इंतजाम अब तक यहां नहीं किए गए। इसलिए निर्माण कार्य पूरा होने तक पार्क को बंद करने का फैसला लिया गया है।
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इसके रखरखाव के लिए पार्क और स्मारक संरक्षण समिति के कर्मचारियों को तैनात करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। जनसुविधाओं के इंतजाम के लिए ठेके उठाए जाएंगे यह काम होने के बाद ही जनता के लिए पार्क को खोला जाएगा। पार्क को बंद करने का आदेश अगले दो दिन में एलडीए जारी कर देगा।

आधी-अधूरी तैयारियों के बीच हुए लोकार्पण का खामियाजा इस पार्क ने दो दिन में ही भुगत लिया। अभी चंद निजी गार्ड ही 374 एकड़ के पार्क की निगरानी के लिए हैं, जो इसे संभाल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में यहां की झील के किनारे मजदूर कपड़े धो रहे हैं।
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पार्क में हर तरफ बदहाली

तीन नंबर गेट से गांव वाले भैंसों को लेकर अंदर चले गए। बाइक और कारें बेरोकटोक पार्क में घुमाई जा रहीं हैं। कई युवक नहाने के लिए झील में कूद गए। पैडल और गंडोला बोट बंद कर दी गई।

पानी और शौचालय का पर्याप्त इंतजाम भी नजर नहीं आया। सिक्योरिटी के अभाव में झूले तोड़ दिए गए। जिसके बाद में प्राधिकरण के अधिकारियों ने पार्क को दर्शकों के लिए फिलहाल बंद करने का फैसला किया है।

पार्क में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं

इंट्रेस प्लाजा अभी अधूरा, टिकट काउंटर तक नहीं बना।
इस पार्क के लिए रखरखाव का स्टाफ तैनात नहीं किया गया।
कैंटीन और बोट संचालन के लिए एजेंसी अब तक नहीं है।
पार्किंग ठेके की भी अभी तक कोई औपचारिकता नहीं की गई।

ट्वायलेट अब तक पूरी तरह से तैयार नहीं।
पौधे इतने छोटे हैं कि, दर्शकों के आने से वे खराब हो सकते हैं।
झूले बहुत कम लगाए गए हैं। ऐसे में जितने लगे हैं वे ओवरलोड।
इंट्रेस प्लाजा पर फाउंटेन भी अभी लगाया गया नहीं गया है।

आपराधिक घटनाओं की भी आशंका

यह पार्क इतने बड़े क्षेत्रफल मे है कि आपराधिक घटनाओं की भी पूरी आशंका यहां है। चंद कर्मचारी 374 एकड़ को नहीं संभाल सकते हैं। ऐसे में अधिकारियों का मानना है कि, जब तक यहां पर्याप्त स्टाफ की तैनाती न कर दी जाए, इसे बंद करना ही बेहतर है। यहां की झील भी बच्चों के लिए खतरा हो सकती है।

स्मारक पार्क संरक्षण समिति के कर्मचारी लगाएंगे
स्मारकों और पार्कों की संरक्षण समिति में करीब 5300 कर्मचारी हैं। जिनमें से लगभग 600 को इस पार्क में लगाया जा सकता है। इसकी तैयारी चल रही है। दरअसल इन कर्मचारियों के यहां लगाने से ही 374 एकड़ के इस पार्क की सही देखरेख हो सकेगी।
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पार्क का काम अभी बाकी

लखनऊ विकास प्राधिकरण के अष्टभुजा प्रसाद तिवारी का कहना है कि 'अभी पार्क में काफी काम किया जाना बाकी है। इसके अलावा स्टाफ भी तैनात किया जाएगा। लोकार्पण किया जा चुका है। मगर अभी जब तक काम पूरा नहीं होता है और दर्शकों के लिए मूल रूप से जरूरी सभी इंतजाम नहीं हो जाते तब तक इसको बंद ही रखा जाएगा।'
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