मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात अब आप (यूपी) जैसे ही हैं। पत्थरबाजी और आतंकियों की भर्ती बंद हो चुकी है। आतंकवाद को लोगों के मन से खत्म करना है। हमने हुर्रियत समेत सभी राजनीतिक दलों से कहा कि कश्मीर का अपना संविधान और झंडा है। जन्नत के लिए अब आतंकी के रूप में भर्ती होने की जरूरत नहीं है। उन्हें दो बार जन्नत मिल सकती है। एक तो कश्मीर में रहकर और दूसरा अच्छा मुसलमान बनकर मरने के बाद। उन्होंने कहा, पहले जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाजी होती थी। अब एनकाउंटर होने से केवल वे ही लोग पत्थरबाजी करते हैं, जिनके गांव में कार्रवाई होती है।
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने डल झील पर बिना सुरक्षा 50 मिनट इंटरव्यू दिया। वहां का टूरिज्म 25 फीसदी बढ़ा है। आम आदमी अब पूरी तरह सुरक्षित है। पंचायत और निकाय चुनाव में एक भी हत्या नहीं हुई जबकि पहले उपचुनाव में भी खून-खराबा होता था। इस साल 86 लाख लोगों ने वैष्णो देवी के दर्शन किए हैं। उम्मीद है अगले साल साल आंकड़ा एक करोड़ पार कर जाएगा।
मलिक ने कहा कि 20 हजार कश्मीरी छात्र यूपी में पढ़ते हैं, जिनमें 1200 छात्र अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में ही हैं। जिस शहर में 50 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं, वहां उनकी तकलीफें दूर करने के लिए एक लायजन अफसर तैनात किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के बच्चों ने 10 साल से सिनेमा नहीं देखा था। हम इसकी शुरुआत करा रहे हैं। रियल कश्मीर फुटबॉल टीम ने देश की सबसे मजबूत मोहन बागान की टीम को हराया है। हमारी कोशिश है कि श्रीनगर में आईपीएल मैच हों। एक खिलाड़ी का आईपीएल में चयन हुआ है, उसके स्वागत के लिए 20 हजार लोग जमा हुए। जम्मू-कश्मीर में प्रतिभा की कमी नहीं है। एक नौजवान ने आईएएस टॉप किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री समेत सभी लोगों को जम्मू-कश्मीर आने का न्योता दिया।
मलिक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की। कहा, जब संन्यासी राजा बनता है तो राजा का कद और बड़ा हो जाता है। योगी आदित्यनाथ उनके लिए मुख्यमंत्री से भी ज्यादा हैं। यूपी में जम्मू-कश्मीर के लोगों को देने व दिखाने के लिए बहुत कुछ है।