जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के 574 गांवों में पाइप पेयजल योजनाएं पूरी कर 3.76 लाख घरों में पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र की 64 पेयजल योजनाएं भी शामिल हैं। वे मंगलवार को लोकभवन में जलशक्ति विभाग की 100 दिनों की उपलब्धि बता रहे थे।
स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचाने का अभियान प्रदेश में युद्धस्तर पर चल रहा है। बुंदेलखंड में 50 हजार घरों में पेयजल कनेक्शन के लक्ष्य के सापेक्ष 66 हजार से अधिक कनेक्शन देकर 33 हजार घरों में पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा विंध्य क्षेत्र में दिसंबर तक 6.5 लाख से अधिक फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) देने का लक्ष्य है। इससे 40 लाख से अधिक आबादी को पाइप पेयजल योजना से शुद्ध पेयजल मिलेगा। 46,172 उथले नलकूपों का निर्माण व बाढ़ से बचाव के लिए 62 परियोजनाओं को भी पूरा किया गया।
रोजगार देने की दिशा में भी काम
स्वतंत्रदेव ने कहा कि हर घर नल योजना से ग्रामीण इलाकों में 756522 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने जा रहे हैं। गांव में रहने वालों को प्लंबर, फिटर, ऑपरेटर, केयरटेकर, सिक्योरिटी गार्ड जैसे पदों पर संविदा पर रोजगार दे रहे हैं। संविदा पर 600 जेई भी नियुक्त किए जाएंगे। 487700 महिलाओं को पानी के सैंपल की जांच करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनको पानी की हर जांच के लिए 20 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भूगर्भ जल विभाग ने 50 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर की स्थापना कराई और अटल भू-जल योजना से ग्राम पंचायतवार वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किए जा रहे हैं।
नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नालों को बंद कराया गया
मंत्री ने बताया कि वाराणसी में 7.5 किमी लंबे शाही नाले की सिल्ट सफाई एवं लाइनिंग कर जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया गया। कानपुर के पनकी और मथुरा में यमुना में गिरने वाले नालों को बंद कराया गया। मसानी, जौनपुर और बागपत में नए एसटीपी का निर्माण पूरा कराया। मिर्जापुर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ एवं बरेली में भी 34 नालों को बंद कराया गया।
बुंदेलखंड में कराएंगे खजूर की खेती : दिनेश प्रताप
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि निर्यात, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड में खजूर की खेती कराई जाएगी। राजस्थान में किसान इसकी खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में भी कवायद चल रही है। उन्होंने कहा कि मंडियों को सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। मंडी स्थलों के अलावा 1643 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब, 133 विनिर्माण, 7 विशिष्ट मंडी स्थलों का निर्माण, 5 किसान बाजार और 87 कृषक सेवा केंद्रों का निर्माण किया गया है। ई-मंडी व ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की गई है। मलिहाबाद तथा भिनगा क्षेत्र में 104 करोड़ की लागत से उप मंडी स्थल एवं नवीन मंडी स्थल बनाए गए हैं। 19 नवीन मंडियों को आधुनिक रूप दिया गया है। 5 मंडियों में तेलंगाना की तर्ज पर ऑनलाइन नीलामी कराई जा रही है।