नगर निगम कार्यकारिणी ने दी बजट को मंजूरी।
लखनऊ। पेयजल आपूर्ति और सीवर नेटवर्क में सुधार के लिए जलकल विभाग ने बजट में 20 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने 487 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, जो बीते वर्ष के 407 करोड़ के मुकाबले 80 करोड़ रुपये अधिक है।
बजट में जलकर या सीवर कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मीटर के जरिये पानी का बिल वसूलने की योजना भी लागू नहीं की गई है। ्पानी को शोधित करने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायनों के बजट में करीब दोगुनी वृद्धि की गई है। इसे 13.20 करोड़ से बढ़ाकर 22.35 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इस मद में इतना खर्च (करोड़ रुपये में)
कार्य
पिछला बजट नया बजट
जल शोधन (केमिकल खरीद)
- 13.20 - 22.35
नलकूपों की रिबोरिंग - 12.00 -19.00
पेयजल लाइन विस्तार -
10.50 - 13.00
सीवर लाइन बिछाना -
3.50 - 4.50
मैनहोल कवर
- - 1.60
नए बजट में जलकर या सीवर कर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। मीटर से पानी का बिल वसूलने की व्यवस्था भी अभी लागू नहीं है। मुख्य लक्ष्य पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार और नेटवर्क का विस्तार करना है।
- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, जलकल
नगर निगम कार्यकारिणी ने दी बजट को मंजूरी।