ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता परियोजना को रफ्तार देने के लिए जल निगम को अब अलग से प्रोजेक्ट सेल बनाना होगा।
इसके अलावा परियोजना से मिले बजट को रखने के लिए राज्य व जिला स्तर पर बैंक में अलग एकाउंट भी खोलना होगा। केंद्र के निर्देश के बाद शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विश्व बैंक की सहायता से ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता परियोजना चल रही है।
प्रदेश स्तर पर इसका संचालन राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कर रहा है। तहत इंडिया मार्का टू हैंडपंप, सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट व अन्य जल स्रोतों पर लोगों की निर्भरता कम कर पाइप पेयजल परियोजना को बढ़ावा दिया जाना है।
इस काम के लिए प्रदेश में जल निगम कार्यदायी संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। पिछले कई साल से इस स्कीम पर काम होने केबावजूद उम्मीद के हिसाब से प्रगति नहीं हो रही है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना में 2022 तक 90 प्रतिशत ग्रामीण आबादी को पाइप पेयजल योजना के जरिये स्वच्छ व शुद्ध जल उपलब्ध कराना है।
इसके बावजूद जल निगम ने इसके लिए अब तक कोई प्रोजेक्ट सेल नहीं बनाया, जिससे परियोजना की ठीक से मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है।
अब जल निगम को जल्द से जल्द सेल गठित करने को कहा गया है। स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट प्रोजेक्ट सेल के खर्च और परियोजना से जुड़ी रकम अब इसी सेल को देगी।
यह सेल जिला इकाइयों को रकम भेजेगा। जल निगम के प्रबंध निदेशक व मुख्य अभियंता (ग्रामीण) को जल निगम मुख्यालय व जिलों में किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में 15 सितंबर तक खाता खोलने को कहा गया है।