लखनऊ। गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के सभागार में बुधवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के जीवन पर आधारित पुस्तक जनसेवक जयवीर का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि जयवीर सिंह का जीवन राजनीति और जनसेवा के संतुलित समन्वय का उदाहरण है। यह पुस्तक न केवल एक राजनेता की यात्रा है, बल्कि प्रशासनिक नवाचारों और सांस्कृतिक चेतना की प्रेरक गाथा भी है।
विशिष्ट अतिथि जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा, जयवीर सिंह ने संस्कृति और आस्था के केंद्रों को सशक्त करने का जो काम किया है, वह सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। यह पुस्तक उनके उसी कार्य का दस्तावेज है।
पुस्तक के लेखक डॉ. वीरेंद्र कुमार व डॉ. सारिका ने बताया कि पुस्तक चार खंडों में विभाजित है। इसमें प्रकाशित लेखों व चित्रावली को समाहित किया गया है।