केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश शनिवार को राजधानी पहुंच रहे हैं।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की जांच में प्रदेश में पिछले पांच सालों में मनरेगा में धांधली और मनमानी का खुलासा होने के बाद इस दौरे पर सबकी निगाह है।
हालांकि, आधिकारिक रूप से यहां उनका पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता का कार्यक्रम है।
फिर भी समझा जा रहा है कि मनरेगा के धांधलियों की सात जिलों में सीबीआई जांच कराने की उनकी मांग पर कार्यवाही न किए जाने को लेकर वह प्रदेश सरकार को निशाने पर ले सकते हैं।
प्रदेश में प्रशासनिक मद के मनमानी खर्च की शिकायत पहले ही उन तक पहुंच चुकी है। बताते चलें पिछले 16 सितंबर को विधानमंडल के दोनों सदनों में मनरेगा को लेकर कैग की रिपोर्ट पेश की गई थी।
इसमें पिछले पांच सालों के दौरान मनरेगा के काम में की गई मनमानी का विस्तार से खुलासा किया गया था। केंद्रीय मंत्री इसी अवधि में प्रदेश के सात जिलों में हुए कामों की सीबीआई जांच की मांग करते रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भी लिखा था। प्रदेश सरकार ईओडब्ल्यू जांच के बहाने उनके आग्रह को दरकिनार करती रही है।
शनिवार को जयराम रमेश सुबह 10.10 बजे राजधानी पहुंचेंगे। राजधानी में उनका करीब पांच घंटे का कार्यक्रम है। वह कांग्रेसी नेताओं से भी मिल सकते हैं।
जानकारों का कहना है लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की चुनाव तैयारी, मुजफ्फरनगर दंगों पर अपने रुख को स्पष्ट करने के साथ ही रमेश मनरेगा को लेकर प्रदेश सरकार को एक बार फिर निशाने पर ले सकते हैं।