फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: राकेश नहीं मुकेश की हुई थी पीट-पीटकर हत्या

विज्ञापन
मृतक मुकेश।
विज्ञापन
लखनऊ। गोमतीनगर इलाके में चोरी के दौरान दो दोस्तों की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। असल में पुलिस जिस मृतक का नाम राकेश निवासी बहराइच कैसरगंज बता रही थी, न तो उनका नाम राकेश था और ना ही वह बहराइच का रहने वाला था। उसका असली नाम मुकेश रावत (28) निवासी विशालखंड था। बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने मुकेश के शव की पहचान की।
विज्ञापन

मुकेश के भाई राजू ने बताया कि बुधवार को एक परिचित ने सोशल मीडिया पर चल रही मुकेश की फोटो पिता जुग्गी को दिखाई। घरवाले गोमतीनगर थाने पहुंचे। यहां पता चला कि शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा है। परिजनों ने शव की शिनाख्त मुकेश के रूप में की। भाई पेंटिंग व कैटरिंग का काम करते थे। काम की वजह से रोज घर नहीं आते थे।
उन्होंने बताया कि भाई रविवार सुबह घर से काम पर जाने की बात कहकर निकले थे। कुछ दिन तक घर नहीं आए तो परिजनों ने तलाश की। फिर भी कुछ पता नहीं चला। बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान की।
विज्ञापन

पुलिस ने कुछ भी नहीं बताया कि हुआ क्या है

मुकेश के भाई राजू का कहना है कि भाई के साथ क्या हुआ था, पुलिस ने कुछ भी नहीं बताया। पिता को पुलिस ने सिर्फ यह बताया कि हादसे में मुकेश की मौत हुई थी। चार दिन से पुलिस विशालखंड के रहने वाले मुकेश को बहराइच के कैसरगंज निवासी राकेश समझ रही थी। इंस्पेक्टर गोमतीनगर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मुकेश पीआरवी को घायल मिला था। उसे अस्पताल पहुंचाया गया था। उसने पीआरवी को अपना नाम राकेश बताया था। उसने गलत नाम क्यों बताया था, इस सवाल अनसुलझा है।



जानिए, पूरा घटनाक्रम

गोमतीनगर के विरामखंड इलाके में शनिवार देर रात बहराइच के कैसरगंज के गोदहिया गांव निवासी राम संवारे (39) और मुकेश की लाठी-डंडों से पीट पीटकर हत्या कर दी गई। दोनों की हत्या चोरी के विरोध में की गई थी। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने चौधरी लॉन गोमतीनगर निवासी मोहित कुमार, शिवराज उर्फ शिवा और पटेलपुरम निवासी रामदेव उर्फ महादेव को गिरफ्तार किया था। तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस सभी की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें