सरिया कारोबार व रियल एस्टेट से जुड़े गैलेंट समूह पर पांच राज्यों में चल रही आयकर विभाग के छापे की कार्रवाई रविवार की देर रात रुकी। पांच दिनों तक चली इस कार्रवाई में सौ से ज्यादा संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। कई करोड़ की ये संपत्तियां बेनामी मानी जा रही हैं।
26 अप्रैल को आयकर विभाग ने यूपी, गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली व बिहार में इस समूह के 60 ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की थी। संदिग्ध दस्तावेजों के साथ समूह के संचालकों व साझेदारों के पास कई अफसरों की काली कमाई के प्रमाण चैट आदि के जरिए मिले थे। इन अफसरों के खिलाफ ऑपरेशन बाबू साहब के तहत कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
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छापे में सौ से ज्यादा संपत्तियों के दस्तावेज मिलना बड़े खेल की तरफ इशारा कर रहे हैं। विभाग इन सभी के वास्तविक मालिक की तलाश शुरू करने जा रहा है। जिन्होंने संपत्तियां खरीदी हैं उनसे भी पूछताछ होगी। साथ ही वे लोग भी जांच के दायरे में आएंगे जो इस अवधि में समूह के संपर्क में आए और फिर अचानक गायब हो गए। ऐसे कुछ लोगों की फोन कॉल और चैटिंग पर भी टीम काम कर रही है।
35 लोगों के बयान दर्ज
विभाग ने 35 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें समूह के संचालक, पार्टनर, प्रमोटर, गारंटर, कर्मचारी आदि शामिल हैं। इसमें करोड़ों के संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन का भी पता चला है, जिसके बारे में कंपनी के संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके हैं।
मंगलवार को खोले जा सकते हैं लॉकर
सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग की टीमें सोमवार को ही समूह के लॉकर खोलने की तैयारी कर रही थी, पर छापे की कार्रवाई बंद करने और इसका पूरा लेखा-जोखा तैयार करने में रात हो गई। माना जा रहा है कि मंगलवार को ये लॉकर खोले जा सकते हैं। साथ ही, सौ से ज्यादा बैंक खातों को भी फ्रीज कराया जाना है। इनकी सूची भी संबंधित बैंकों को भेजी जा रही है। इस पूरे मामले अब तक आयकर विभाग की टीमें 35 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी हैं। इसमें समूह के संचालक, पार्टनर, प्रमोटर, गारंटर, कर्मचारी आदि शामिल हैं। कुछ और लोगों से भी पूछताछ की बात सामने आ रही है। करोड़ों रुपये के संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन का भी पता चला है, जिसके बारे में गैलेंट के संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके हैं।