मोहान रोड हाईटेक टाउनशिप के आसपास अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने तालाब, श्मशान और चकरोड तक की जमीन को नहीं छोड़ा। यह सब हुआ ग्राम प्रधानों एवं लेखपालों की सांठगांठ से। टाउनशिप योजना के साथ ही प्रॉपर्टी डीलरों की जमीन की एलडीए एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम जांच करेगी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कलियाखेड़ा, प्यारेपुर की जमीन पर मोहान रोड हाईटेक टाउनशिप को बसाने की योजना बनाई। पर, प्राधिकरण के योजना को आकार देने से पहले ही प्रॉपर्टी डीलरों ने मौंदा, समदा, चकौली, पान खेड़ा, शिवरी, नरायनपुर, डिघिहा आदि गांवों में सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर डाली। बंजर जमीन पर तो इन्होंने प्लॉटिंग की ही, तालाब, मरघट और चकरोड को भी नहीं छोड़ा। जबकि ये इलाके योजना में शामिल रहे हैं। एलडीए को सर्वे से इसका पता चला। अब जांच के लिए संयुक्त टीम गठित होने से जमीन के अवैध कारोबार में शामिल लोगों में खलबली मची हुई है।
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बिना मिलीभगत के नहीं हो सकता ऐसा काम
एलडीए का मानना है कि जिस पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की गई, वह सब बिना लेखपाल और प्रधानों की मिलीभगत के नहीं हो सकता। बिना इनकी रजामंदी के प्रॉपर्टी डीलर बंजर, तालाब, सरकारी ट्यूबवेल, पंचायत भवन, श्मशान आदि की जमीन को अपनी जमीन में शामिल नहीं कर पाते। ऐसे में जांच होने पर इन सब पर भी शिकंजा कसना तय है।
पर यहां सुस्ती.... तहसील के बजाय पुलिस निपटा रही मामले
सरकारी जमीन पर प्लॉटिंग की शिकायत पीएमओ, सीएमओ, डीएम कार्यालय, तहसीलदार, एलडीए एवं थाना काकोरी तक हुई। इस तरह की जांच तहसील प्रशासन को करनी चाहिए, लेकिन इसे काकोरी पुलिस निपटा रही है।
सरकारी जमीन का मामला पकड़ा भी जा चुका
एलडीए वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व मोहनलालगंज एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य ने 17 अप्रैल को निरीक्षण के न्यू जेल रोड पर राइजिंग कंस्ट्रक्शन ग्रुप के विशाल शुक्ला को तालाब, चकरोड की जमीन पर प्लॉटिंग करते पाया था। विशाल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
जिला प्रशासन से मांगी गई सूची
एलडीए उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि हाईटेक टाउनशिप एवं आसपास के गांवों में पिछले दो साल के भीतर किस-किस जमीन का भू उपयोग बदला गया, जिला प्रशासन से इसकी सूची मांगी गई है। इसके बाद जिला प्रशासन एवं एलडीए की संयुक्त टीम सर्वे करेगी। इस सर्वे से पता चलेगा कि किस-किस तरह की जमीन पर प्लॉट काटे गए हैं।