लखनऊ। चिनहट में मटियारी चौराहे के पास इंडियन ओवरसीज बैंक में 21 दिसंबर 2024 को हुई चोरी के मामले में पुलिस ने एसीजेएम तृतीय की अदालत में चार्जशीट फाइल कर दी है। इसके बाद भी उपभोक्ताओं को अपने माल को पाने के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए उसकी पहचान कर माल वापसी की अपील करनी होगी। माल की पहचान होने के बाद स्वामित्व के साक्ष्य देने होंगे। इसके बाद अनुमानित मूल्य के बराबर की जमानत राशि भी देनी होगी।
किसी ग्राहक के साथ विवाद की स्थिति में लोग उपभोक्ता आयोग में अपील कर सकते हैं जिसमें संबंधित बैंक प्रतिवादी होगा। बैंक लॉकर में रखे सामान के बारे में ग्राहक को ही जानकारी होती है। लॉकर से चोरी होने की स्थिति में ग्राहक अपने सामान की जानकारी बैंक को देता है। चोरी के बाद बरामद माल ग्राहकों की शिनाख्त के बाद वापस मिल जाता है।
इंडियन ओवरसीज बैंक में चोरों ने 22 दिसंबर 2024 को 42 लॉकर काटकर जेवरात, नकदी समेत अन्य सामान की चोरी की थी। पुलिस के मुताबिक चोरी की पूरी साजिश सीतापुर के रहने वाले विपिन ने की थी। उसने अपने साथी सोविंद के साथ मिलकर सन्नी दयाल, अरविंद कुमार, बलराम कुमार मिथुन और कैलाश बिंद के साथ घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों सोविंद और सन्नी दयाल को मुठभेड़ में मार गिराया था। साथ ही विपिन, अरविंद कुमार, बलराम कुमार, मिथुन और कैलाश बिंद को गिरफ्तार कर लिया गया था।