लखनऊ। चिनहट के मटियारी स्थित होटल में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को भगवान राम के आदर्श को जीवन में उतारने का संदेश दिया गया। कथावाचक राघव ऋषि ने कहा कि प्रभु राम के आदर्श के बिना श्रीकृष्ण की प्राप्ति असंभव है।
कथा का शुभारंभ भगवान कृष्ण के पूजन से हुआ। राघव ऋषि ने कहा कि आत्मनिरीक्षण के लिए रामायण पढ़ना जरूरी है। श्रीकृष्ण के चरित्र की चर्चा करते हुए कहा कि मन सांसारिक वस्तुओं का चिंतन छोड़ दे तो वह प्रभु में लीन हो सकता है। कृष्ण कथा मन को खींचती है। इससे ज्ञान, वैराग्य, भक्ति बढ़ती है। भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया।
सौरभ ऋषि ने मनमोहक गीतों की प्रस्तुति दी तो भक्त झूम उठे। इसके बाद प्रभु कृष्ण का जन्म धूमधाम से मनाया गया। ऋषि सेवा समिति के आयोजन में कुलदीप मिश्र, राधाकृष्ण यादव, उदयभान चौबे, अविनाश टिक्का, दीप अरोड़ा, आनंद, सैनी सचिन गुप्ता, आदित्य शुक्ल, सौरभ सिंह, नवीन सिंह आदि मौजूद रहे।
कथा सुनाते राघव ऋषि और मौजूद भक्त।
कथा सुनाते राघव ऋषि और मौजूद भक्त।
कथा सुनाते राघव ऋषि और मौजूद भक्त।
कथा सुनाते राघव ऋषि और मौजूद भक्त।
कथा सुनाते राघव ऋषि और मौजूद भक्त।
कथा सुनाते राघव ऋषि और मौजूद भक्त।