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इस बार प्रदेश के हज कोटे की सीटें भरना मुश्किल, मंदी व यात्रा खर्च में बढ़ोत्तरी है वजह

Sun, 01 Dec 2019 02:42 PM IST
ishwar ashish मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हज यात्रा 2020 के लिए इस बार प्रदेश के निर्धारित कोटे से भी कम आवेदन होने की आशंका है। प्रदेश के निर्धारित हज कोटे 30,237 सीटों की तुलना में अब तक सिर्फ 20,023 लोगों ने आवेदन किया है। हालांकि आवेदन की अंतिम तिथि में 5 दिन बचे हैं, लेकिन आवेदनों की रफ्तार से अंतिम तिथि तक भी इनकी संख्या 25 हजार तक भी नहीं पहुंचने की उम्मीद है।

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जानकार कम आवेदनों की मुख्य वजह आर्थिक मंदी व किराए में बढ़ोतरी को मान रहे हैं। बीते साल हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्रदेश को हज सीटों का शुरुआती कोटा 30,237 सीटों का दिया था, तब प्रदेश से 34 हजार लोगों ने आवेदन किया था। लेकिन हज खर्च में बढ़ोतरी से करीब 2000 आवेदकों ने अपना आवेदन निरस्त करा लिया था।

इस तरह कुल 31 हजार 882 लोगों को हज पर भेजा गया था। हज कमेटी ने इस बार भी प्रदेश के लिए शुरुआती कोटा 30,237 सीटें मिली हैं। हज का खर्च सऊदी रियाल की विनिमय दर के मुताबिक तय होता है। बीते वर्षों में रियाल में मामूली बढ़ोतरी पर भी यहां हजारों रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
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इसका नतीजा यह हुआ कि वर्ष 2014 से 2019 तक ग्रीन श्रेणी के हज यात्रियों के खर्च में करीब 98000 रुपये और अजीजिया श्रेणी के हज यात्रियों पर 94000 रुपये का बोझ बढ़ चुका है। इसका असर यह है कि इस बार हज आवेदन का प्रतिदिन का औसत 400 से भी कम है। इससे इस बार प्रदेश के हज कोटे की सभी सीटें भरने की उम्मीद कम है।

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ई-सुविधा केंद्र बनाना भी नहीं आया काम

प्रतीकात्मक तस्वीर
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन करके 5 दिसंबर तक आवेदन की सुविधा दी है। इसके लिए विभिन्न जिलों में करीब 89 हज सुविधा केंद्र खोले गए थे, ताकि आवेदकों को कोई दिक्कत न हो।

इसके बावजूद हज कमेटी को 48 दिनों में सिर्फ 20,023 आवेदन ही मिले हैं। जानकारों का कहना है कि हज आवेदनों में कमी की सबसे बड़ी वजह आर्थिक मंदी है। हज यात्रा लगातार महंगी हो रही है और लोगों की आमदनी भी नहीं बढ़ पा रही है।

पूरे देश में आवेदक घटे
हज आवेदन कम न हो इसके लिए हर जिले में हज ई-सुविधा केंद्र खोले गए थे। फिर भी कम आवेदन हुए हैं। हालांकि कम आवेदन आने की वजहों का अभी आकलन नहीं किया गया है। पूरे देश में इस बार करीब 50 फीसदी कम आवेदन मिलने की सूचना है। अंतिम तिथि बीतने के बाद इसका आकलन किया जा सकेगा। - राहुल गुप्ता, सचिव राज्य हज कमेटी
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