नदीम के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। तीन बहनों की शादी के साथ ही छोटे भाई को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाने की हसरत सीने में लिए नदीम पुलिस में भर्ती हुआ था। शनिवार को उसकी मौत की सूचना जैसे ही घर पहुंची परिवार में कोहराम मच गया। मुरादाबाद से पूरा परिवार ट्रेन से अमेठी होता हुआ जिले में पहुंचा।
मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के पीपलसाना निवासी मोहम्मद सलीम के परिवार में पत्नी बिलकीस बानो के साथ ही दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बेटों में सबसे बड़ा मोहम्मद नदीम था। इसके बाद छोटा भाई समीर है। तीनों बहनें फरा, हिना और गुलनाज भी नदीम से छोटी हैं।
सलीम फेरी लगा कपड़े बेचकर किसी तरह परिवार पालते हैं। सलीम अपने बड़े बेटे नदीम को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना चाहते थे, लेकिन परिवार की बड़ी जिम्मेदारी होने के कारण नदीम ने पुलिस विभाग को चुना और 2018 में भर्ती हो गया। नदीम की ट्रेनिंग सुल्तानपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में चल रही थी।
नदीम की हसरत अपनी तीनों बहनों की शादी के साथ ही छोटे भाई को अफसर बनाने की थी। मगर शनिवार को नदीम की मौत की सूचना जैसे ही परिवार वालों को मिली, कोहराम मच गया। नदीम के पिता सलीम, चाचा, दोस्त गुलाम नबी मुरादाबाद से सुल्तानपुर पहुंच गए हैं।
मुरादाबाद से सुल्तानपुर पहुंचे नदीम के बचपन के दोस्त गुलाम नबी ने बताया कि दो दिन पूर्व बृहस्पतिवार को नदीम की दादी महमूदी का इंतकाल हो गया था। नदीम अपनी दादी से बहुत प्यार करता था। दादी के जनाजे में शामिल होने के लिए उसने छुट्टी मांगी थी, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली।