बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) का विवादों से नाता खत्म होता नहीं दिख रहा है। हर साल नए सत्र से पहले ऐसा कुछ किया जाता है कि छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन को आमने-सामने किया जा सके। इस बार प्रकरण नए सत्र 2020-21 के प्रोस्पेक्टस में बाबा साहेब की फोटो न लगाने का है। इसकी जानकारी के बाद विवि के जिम्मेदारों ने तत्काल गलती में सुधार कराया।
विश्वविद्यालय में 21 मई से नए सत्र के प्रवेश आवेदन शुरू होने थे। किंतु कुछ कारणों से इसे नहीं शुरू किया जा सका। हालांकि, इसके पहले ही प्रवेश से जुड़ा प्रोस्पेक्टस विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया। किंतु इस प्रोस्पेक्टस में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का फोटो ही नहीं लगा था।
इसकी जानकारी पर छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। छात्रों ने फेसबुक आदि सोशल साइट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय खुलने पर वे अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि जान-बूझकर विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारी परिसर का माहौल ठीक नहीं रहने देना चाहते हैं।
छात्रों ने ये भी चेतावनी दी कि वे समय आने पर ऐसा करने वालों का विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, जब इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को हुई तो उन्होंने तुरंत इसे ठीक करवाकर दूसरा ब्रोशर अपलोड कराया। इस बारे में विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. रचना गंगवार ने कहा कि ये एक मानवीय भूल थी जिसे सुधार दिया गया है।