एटीएस आईजी असीम अरुण व एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार
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शुरुआती पूछताछ में रमेश ने बताया है कि उसने यूपी में भी कई स्थानों पर सेना की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाई है। एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइल में भी स्पाईवेयर होने का शक है। इसलिए मोबाइल का फोरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मोबाइल का डाटा रिकवर कराने से भी कई अहम जानकारी मिल सकती हैं। असीम अरुण ने यह भी बताया कि रमेश पर 8 से 9 लाख रुपये का कर्ज था। इस कर्ज को उतारने के लिए भी उसने दुश्मन देश की खुफिया एजेंसी से समझौता कर लिया।
उन्होंने बताया कि अब तक कुल कितनी रकम इसे दी गई, क्या क्या सूचनाएं उसने लीक की, यूपी में किन स्थानों पर जासूसी की जिम्मेदारी दी गई थी और जो धन मिला उसे कहां खर्च किया, यह सारी जानकारी रिमांड पर लेने के बाद इकट्ठा की जाएगी।
एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि पिछले साल तीन मई को फैजाबाद से मिलेट्री इंटेलीजेंस की मदद से आफताब नाम के आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया गया था। उसने कई और लोगों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बारे में एटीएस की टीम लगातार मेहनत कर रही थी। उसी में से एक नाम रमेश का भी था।
केंद्रीय एजेंसियां भी करेंगी पूछताछ
असीम अरुण ने बताया कि रमेश को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है, जहां उसे न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड ली जाएगी। उन्होंने बताया कि रमेश से केंद्रीय एजेंसियां व उत्तराखंड पुलिस भी पूछताछ करेगी।