फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्रिगेडियर के लैपटॉप तक थी पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की पहुंच, घर में लगा दी थी खुफिया डिवाइस

Fri, 25 May 2018 09:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन

पिथौरागढ़ से मंगलवार को पकड़े गए आईएसआई एजेंट रमेश सिंह ने कुल रुपयों की लालच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को वह जानकारी दे दी जिससे देश की सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में दो साल की तैनाती के दौरान आईएसआई ने रमेश की मदद से ब्रिगेडियर के इस्लामाबाद स्थित घर के कंप्यूटर और लैपटॉप को स्पाईवेयर से हैक कर लिया था।

विज्ञापन


एटीएस कार्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि रमेश 2015 में सेना के एक ब्रिगेडियर के साथ बतौर रसोईया पाकिस्तान गया था। वहां आईएसआई ने उसे पैसों का लालच देकर उससे फाइल और अन्य सूचनाएं लेनी शुरू कर दीं।

बाद में आईएसआई की पहुंच ब्रिगेडियर की गैर मौजूदगी में उनके रूम तक हो गई। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने इस दौरान ब्रिगेडियर के घर में कई तरह के खुफिया डिवाइस लगा दी और महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने लगे।
विज्ञापन


इन सबके बदले रमेश को डॉलर में भुगतान किया जाता था। आनंद कुमार ने बताया कि आखिरी बार जब रमेश पाकिस्तान से वापस आया तो उसे 1300 डॉलर दिए गए थे। सितंबर 2017 में वापस आए रमेश को आईएसआई ने एक मोबाइल और पाकिस्तान का सिम कार्ड दिया था, जिससे वह बराबर संपर्क में था।

Trending Videos

यूपी में भी सेना की जानकारियां आईएसआई तक पहुंचाई

एटीएस आईजी असीम अरुण व एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार - फोटो : amar ujala
शुरुआती पूछताछ में रमेश ने बताया है कि उसने यूपी में भी कई स्थानों पर सेना की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाई है। एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइल में भी स्पाईवेयर होने का शक है। इसलिए मोबाइल का फोरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मोबाइल का डाटा रिकवर कराने से भी कई अहम जानकारी मिल सकती हैं। असीम अरुण ने यह भी बताया कि रमेश पर 8 से 9 लाख रुपये का कर्ज था। इस कर्ज को उतारने के लिए भी उसने दुश्मन देश की खुफिया एजेंसी से समझौता कर लिया।

उन्होंने बताया कि अब तक कुल कितनी रकम इसे दी गई, क्या क्या सूचनाएं उसने लीक की, यूपी में किन स्थानों पर जासूसी की जिम्मेदारी दी गई थी और जो धन मिला उसे कहां खर्च किया, यह सारी जानकारी रिमांड पर लेने के बाद इकट्ठा की जाएगी।
विज्ञापन

आफताब के जरिए पहुंचे रमेश तक

आईएसआई एजेंट रमेश। - फोटो : amar ujala
एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि पिछले साल तीन मई को फैजाबाद से मिलेट्री इंटेलीजेंस की मदद से आफताब नाम के आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया गया था। उसने कई और लोगों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बारे में एटीएस की टीम लगातार मेहनत कर रही थी। उसी में से एक नाम रमेश का भी था।

केंद्रीय एजेंसियां भी करेंगी पूछताछ
असीम अरुण ने बताया कि रमेश को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है, जहां उसे न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड ली जाएगी। उन्होंने बताया कि रमेश से केंद्रीय एजेंसियां व उत्तराखंड पुलिस भी पूछताछ करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें