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जासूसी के लिए भारतीय युवाओं को फंसा रहा है पाकिस्तान, जानें कैसे बनाता है निशाना

Thu, 04 May 2017 03:06 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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फैजाबाद में आईएसआई एजेंट
फैजाबाद में पकड़े गए आफताब से पहले गिरफ्तार आईएसआई एजेंट भी भारतीय थे। जानें कैसे फंसाए जा रहे हैं युवा...
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आफताब - फोटो : amar ujala
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई जासूसी के लिए भारतीय युवकों का ही इस्तेमाल कर रहा है। आफताब की गिरफ्तारी से पहले एटीएस ने सितंबर 2016 को बबीना, झांसी से दिल्ली के कमला मार्केट निवासी एजाज खान को गिरफ्तार किया था। 
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फैजाबाद में आईएसआई एजेंट - फोटो : amar ujala
उसने दुबई में आईएसआई की ट्रेनिंग ली थी। वह आईएसआई के अन्य एजेंटों को फंड मुहैय्या कराता था। उस पर आरोप था कि उसने बबीना में रहते हुए भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान को पहुंचाई थी। 

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फैजाबाद में आईएसआई एजेंट - फोटो : amar ujala
एटीएस ने इससे भी पहले अगस्त में सेना की जासूसी के आरोप में लखनऊ आईएसआई एजेंट जमालुद्दीन को गिरफ्तार किया था। जबकि दिल्ली पुलिस ने 29 अक्तूबर 2016 को सपा से राज्यसभा सांसद व मध्य प्रदेश के विदिशा के रहने वाले मुनव्वर समील के पीए फरहत को जासूसी के आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
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फैजाबाद में आईएसआई एजेंट - फोटो : amar ujala
वहीं, अगस्त 2014 में एटीएस ने मेरठ से आईएसआई के एजेंट आसिफ अली को गिरफ्तार किया था। अली भारतीय सेना की जासूसी करके आईएसआई को महत्वपूर्ण सूचनाएं देता था। 
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फैजाबाद में आईएसआई एजेंट - फोटो : amar ujala
उसने पाकिस्तान में शादी की थी और परिवार व बच्चों से मिलने के लिए अकसर पाकिस्तान आते-जाते रहते था। इसी दौरान वह आईएसआई के संपर्क में आया था। गिरफ्तार किए गए सभी युवक भारतीय नागरिक हैं।
 
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अल्ताफ - फोटो : amar ujala
आईएसआई उन भारतीय युवकों पर खास नजर रखता है, जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं या उनका अकसर पाकिस्तान आना-जाना रहता है। 
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फैजाबाद में आईएसआई एजेंट - फोटो : amar ujala
बाद में इन्हीं युवकों को बरगला कर भारत में जासूसी कराया जाता है। बदले में भारत में ही पेमेंट किया जाता है। यूपी पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि जिन लोगों का पाकिस्तान आना-जाना लगा रहता है, उन्हें पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी जाती है। जबकि जो पाकिस्तान नहीं जाना चाहते हैं, उन्हें खाड़ी के देशों में ट्रेंड किया जाता है। 
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