सौरभ मिश्रलखनऊ। तीन बार नेशनल चैंपियनशिप में खेल चुकीं राजधानी की ईशान्या पांडेय पहली बार एशियन कराटे चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। वह पदक के लिए सात अन्य देशों की खिलाड़ियों से भिड़ेंगी। आशियाना निवासी ईशान्या आठ सितंबर से जॉर्डन की राजधानी अम्मान में होने वाली 24वीं एशियन कराटे चैंपियनशिप के जूनियर अंडर-48 किलोग्राम भारवर्ग में अपना
दम दिखाएंगी।
वह चार सितंबर को जॉर्डन रवाना होंगी। अपनी पहली एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहीं ईशान्या की नजर देश के लिए स्वर्ण जीतने पर होंगी। ईशान्या ने 2023 से नियमित प्रशिक्षण शुरू किया। जून 2026 में देहरादून में हुई नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। दिसंबर 2025 में सीबीएसई चैंपियनशिप में रजत भी हासिल किया। ईशान्या कोच जसपाल सिंह से प्रशिक्षण ले रही हैं।
सात देशों की खिलाड़ियों से मिलेगी चुनौती : चैंपियनशिप में ईशान्या को सऊदी अरब, चीन, कुवैत और मेजबान जॉर्डन समेत कुल सात देशों के खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा। यूपी से इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
ईशान्या ने बताया कि कराटे उनका पैशन है जिसे वह अपना कॅरिअर बनाना चाहती हैं। कहा कि नेशनल चैंपियनशिप का अनुभव अच्छा रहा और अब चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी।
खिलाड़ियों को सरकार से मिले सहयोग और प्रोत्साहन
चिकित्सक व व्यवसायी सतीश पांडेय और गृहिणी सरिता पांडेय की बेटी ईशान्या के भाई श्लोक पांडेय भी कराटे खेलते थे, लेकिन फुटबॉल में रुचि होने के कारण उन्होंने कराटे छोड़ दिया। ईशान्या का कहना है कि कराटे खिलाड़ियों को सरकारी स्तर पर अधिक सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। आर्थिक तंगी के कारण कई अच्छे खिलाड़ी चयन के बाद भी एशियन और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में नहीं जा पाते। उन्होंने केडी सिंह बाबू स्टेडियम के कराटे भवन में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।