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Lucknow News: एमजे हॉस्पिटल दोषी या नहीं... गुत्थी उलझी

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लखनऊ। खदरा स्थित एमजे हॉस्पिटल में मरीज की मौत की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस ने साक्ष्य नहीं दिए तो जांच कमेटी ने चिकित्सकीय बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट बनाकर भेज दी। अब पुलिस ने दोबारा बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि फिर से रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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मुस्कान ने पति आलम को ट्रॉमा सेंटर में नवंबर 2024 में भर्ती कराया था। दलाल ने बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीज एमजे हॉस्पिटल में शिफ्ट करा दिया। मुस्कान का आरोप है कि भर्ती के वक्त पति की हालत ठीक थी। उन्हें गैस्ट्रो की दिक्कत थी। अस्पताल में गैस्ट्रो का डॉक्टर नहीं था। दूसरी विधा के डॉक्टरों ने इलाज कर दिया, जिससे 15 नवंबर को आलम की मौत हो गई।

मुस्कान ने पुलिस व सीएमओ ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने एफआईआर नहीं दर्ज की। कोर्ट के आदेश पर बीते साल थाने में अस्पताल संचालक समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।
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पुलिस ने सीएमओ से जांच रिपोर्ट तलब की थी। कमेटी ने गैस्ट्रो का कोई भी डॉक्टर न होने के बारे में लिखकर रिपोर्ट भेज दी। अस्पताल संचालक, स्टाफ समेत अन्य किसी को दोषी नहीं ठहराया था।

अब जांचकर्ता एसआई इरफान अहमद ने सीएमओ को पत्र भेजकर तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। पूछा है कि मौत अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से हुई या नहीं? पूरे मामले में अस्पताल संचालक दोषी है या नहीं? अस्पताल स्टाफ की लापरवाही में संलिप्तता है या नहीं? जांच कमेटी का कहना है तत्कालीन एसआई से अस्पताल में घटना की फुटेज व एंबुलेंस चालक का नंबर मांगा था, लेकिन पुलिस ने जांच में सहयोग नहीं किया। साक्ष्य तक नहीं दिए।





वर्जन

अस्पताल की फुटेज मुहैया कराना अब मुश्किल होगा। जांच कमेटी दूसरे साक्ष्य मांगेगी तो मुहैया कराए जाएंगे। सीएमओ की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं है कि अस्पताल दोषी है या नहीं? जांच कमेटी से दोबारा बिंदुवार रिपोर्ट मांगी गई है।
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-इरफान अहमद, एसआई, जांचकर्ता
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