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भ्रष्टाचार के आरोप में एक और इंजीनियर पर गिरी गाज, सिंचाई मंत्री ने किया सस्पेंड

Wed, 25 Oct 2017 02:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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भ्रष्टाचार को लेकर एक और इंजीनियर पर यूपी सरकार की गाज गिरी। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने सिद्घार्थ नगर में तैनात अधिशाषी अभियंता को सस्पेंड कर दिया है। उस पर वित्तीय अनियमितता और अवैध नियुक्तियों के आरोप थे।
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इसके पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दो अफसरों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर चुके हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री ने अपर आयुक्त मेरठ रणधीर सिंह दुहण को बर्खास्त कर दिया है। वहीं गौतमबुद्धनगर के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) घनश्याम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी।

सूत्रों के अनुसार, मेरठ के अपर आयुक्त रणधीर सिंह दुहण ने 2012-13 में शामली में तैनाती के दौरान करीब 27 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति की जमीन अवैधानिक  तरीके से नीलाम कर दी। इसके लिए न तो वह अधिकृत थे और न ही इससे जुड़ा कानून उस समय प्रभावित था। शासन ने इसकी जांच सहारनपुर के तत्कालीन मंडलायुक्त तनवीर जफर अली से कराई जिसमें आरोप सही पाए गए। काफी समय से शासन स्तर पर यह कार्रवाई लंबित थी।
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दूसरे पीसीएस अधिकारी घनश्याम सिंह गौतमबुद्धनगर में एडीएम वित्त एवं राजस्व हैं। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने मेरठ-गाजियाबाद एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहीत करने के समय वर्ष 2012 में अपने बेटे के नाम लोगों से जमीन खरीदी और जमीन अधिग्रहीत किए जाने पर एनएचएआई से मुआवजा ले लिया। इसके बाद कम मुआवजे का हवाला देते हुए मामला आर्बिटेशन कोर्ट (मुआवजे पर अपील से जुड़ी डीएम की अदालत) ले गए।
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