हिमाचल प्रदेश के डैम में अचानक पानी छोड़े जाने से हुए हादसे को अभी लोग भूले नहीं है कि ऐसा ही एक हादसा यूपी में भी होते होते टल गया।
सुल्तानपुर कुरेभार ब्लाक में फैजाबाद की सिंचाई ब्रांच से बिना सूचना अचानक 6000 क्यूसेक पानी सुल्तानपुर समानांतर शाखा नहर में मंगलवार की शाम छोड़ देने से तेज बहाव शुरू हो गया।
पानी का दबाव बढ़ते ही साइफन ने कटान का रूप ले लिया और आसपास के 400 बीघा खेत जलमग्न हो गए।
रात करीब 12 बजे सूचना मिलते ही प्रभारी डीएम कई अन्य अधिकारियों के साथ एक्सईएन को लेकर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया।
तुरंत लिया गया एक्शन
बाराबंकी से तुरंत 4000 हजार क्यूसेक पानी बंद कराया गया। पानी के बहाव को एक झील की तरफ मोड़ कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
पानी भरने से उर्द व पिपरमेंट की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बुधवार की शाम तक बहाव को नियंत्रित कर लिया गया।
फैजाबाद की ब्रांच नहर में मंगलवार को बड़ी कटान हो गई थी। कटान को नियंत्रित करने के लिए सिंचाई अधिकारियों ने बिना पूर्व सूचना के सुल्तानपुर समानांतर शाखा नहर में 6000 क्यूसेक पानी अचानक छोड़ दिया। क्षमता से अधिक पानी आने से नहर उफनाने लगी।
गांव में मचा हड़कंप
कूरेभार ब्लॉक के मलनापुर गांव के निकट नहर के 88 किलोमीटर पर खुले पुराने साइफन से रात 11 बजे पानी बहना शुरू हो गया।
ऊपर से दबाव बढ़ते ही पानी ने कटान का रूप ले लिया। थोड़ी देर में ही पानी गांव के करीब पहुंच गया। अचानक पानी आता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
प्रभारी डीएम ने मौके से तुरंत बाराबंकी के सिंचाई अधिकारियों के बात करके दो शिफ्टों में 4000 हजार क्यूसेक पानी बंद कराया। डीएम के निर्देश पर ग्रामीणों के सहयोग से विभाग ने रात में ही बचाव कार्य शुरू कर दिया।
पानी कम होने से शाम तक बहाव को नियंत्रित कर लिया गया। इस बीच आसपास की करीब 400 बीघा जमीन जलमग्न हो गई है। अधिकारियों के रात में ही पहुंच जाने से बड़ा हादसा टल गया।
बढ़ाई गई निगरानी
एक्सईएन खंड 16 मनोज सिंह ने बताया कि अचानक फैजाबाद ब्रांच का पानी आ जाने से साइफन में रिसाव हो गया। रिसाव बंद कर पटरी पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
एसडीएम सदर श्रीराम यादव ने बताया कि राजस्व टीम को हुए नुकसान के आकलन के लिए भेजा गया है।
सिंचाई विभाग से मांगी गई रिपोर्ट
प्रभारी डीएम श्रीकांत मिश्र ने कहा कि बिना सूचना के पानी छोड़ा जाना गंभीर मामला है। सिंचाई विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये हुआ था हिमाचल प्रदेश में
हिमाचल प्रदेश के मंडी के लारजी डैम से अचानक छोड़े गए पानी से ब्यास नदी में नहाने गए 24 इंजीनियरिंग छात्र बह गए। जिनकी तलाश अभी भी जारी है।
जिनकी तलाश के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा बल मुहैया करवाने का आग्रह किया है।
वहीं इलाके में हो रही भारी बारिश के कारण बचाव कार्य भी ठीक से नहीं हो पा रहा है।