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282 कनिष्ठ लिपिकों की भर्ती में अनियमितता का मामला : प्रमुख सचिव समेत सात के खिलाफ वारंट

Sat, 25 May 2019 12:23 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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court order - फोटो : amar ujala
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सिंचाई विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव समेत सात के खिलाफ वारंट। सीजेएम कोर्ट ने 7 जुलाई को मुकदमे की सुनवाई के लिए किया तलब। 
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सिंचाई व जल संसाधन विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता परिकल्प व नियोजन समेत सात अभियुक्तों के खिलाफ सात जुलाई के लिए 20 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी कर सीजेएम कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के लिए तलब किया गया है। यह आदेश सीजेएम आनंद प्रकाश सिंह ने 2008-09 में सिंचाई विभाग में 282 कनिष्ठ लिपिकों की भर्ती में हुई अनियमितता मामले में इंदू यादव के  परिवाद पर दिया। 
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कोर्ट ने इस मामले में जिन अन्य लोगों को तलब किया है, उनमें तत्कालीन सहायक अभियंता द्वितीय लखनऊ खंड-2, शारदा नहर श्याम मोहन उपाध्याय, सहायक अभियंता अंजनी पांडेय, तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी मुख्य अभियंता (शारदा) महाराज दीन चौधरी, वरिष्ठ सहायक कार्यालय मुख्य अभियंता (शारदा) राजेश कुमार, वरिष्ठ सहायक कार्यालय अधिशासी अभियंता खंड-2 फहीम अहमद खां व वरिष्ठ सहायक कार्यालय द्वितीय उपखंड शारदा नहर बैरल नंबर-17 राजेश कुमार भी शामिल हैं।

इंदू यादव का आरोप था कि 2008-09 में सिंचाई विभाग में 282 कनिष्ठ लिपिकों के चयन में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई थी। चयन समिति ने नियमों को ताक पर रखकर उनसे कम अर्हता रखने वाले अनुत्तीर्ण अभ्यर्थियों का चयन कर लिया था। 18 अप्रैल 2012 को उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। इस पर विभागीय जांच का आदेश हुआ। इसमें घोर अनियमितताएं उजागर हुई थीं। इतना ही नहीं, पूरी भर्ती प्रक्रिया ही गलत पाया गया है।
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