भर्ती बोर्ड ने 18 फरवरी को 41,520 पदों पर के लिए सिपाही भर्ती का रिजल्ट जारी किया था। रिजल्ट घोषित होने के कुछ ही दिन बाद पहली गड़बड़ी सामने आई जब होमगार्ड के कोटे से 21 साल से कम आयु वाले 165 अभ्यर्थियों को सिपाही बनने का मौका दे दिया गया। इस कोटा के लिए कम से कम तीन साल होमगार्ड की सेवा करना अनिवार्य था।
इन सभी अभ्यर्थियों की आयु 21 वर्ष से कम थी, इसलिए इनका चयन भर्ती बोर्ड ने निरस्त कर दिया। इसके अलावा होमगार्ड कोटे से भर्ती हुए 232 अन्य अभ्यर्थियों को दस्तावेजों के सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण (डीवी पीएसटी) के लिए मंगलवार को दोबारा बुलाया गया। मंगलवार को सभी अभ्यर्थी नहीं आए। अब इन्हें बुधवार को दोबारा सभी दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है।
सिपाही भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को चार प्रक्रिया से गुजरना होता है-फॉर्म भरने के बाद लिखित परीक्षा, दस्तावेजों का सत्यापन, शारीरिक मानक परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़)। फॉर्म भरने के बाद पहले ही ऐसे अभ्यर्थियों की छंटनी होनी चाहिए थी, जिनकी आयु नियमों के तहत नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अभिलेखों का सत्यापन करने वाले डीवी पीएसटी बोर्ड को इस गलती को पकड़ना चाहिए था लेकिन वहां भी किसी की निगाह ऐसे अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ी।