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परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, परीक्षा के समय बर्तन धोते मिले बच्चे

Sat, 16 Mar 2019 09:06 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला सुल्तानपुर
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परीक्षा के समय बर्तन धोते बच्चे - फोटो : amar ujala
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परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा मजाक बनकर रह गई है। अधिकतर विद्यालयों में परीक्षा अवधि में बच्चे इधर-उधर टहलते मिल रहे हैं। समय सीमा को लेकर प्रधानाध्यापक व शिक्षक गंभीर नहीं दिख रहे हैं। यही नहीं परीक्षा के दौरान झुंड बनाकर बैठने एवं एक-दूसरे से बातचीत करने का मामला भी आम है। शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने कुछ परिषदीय विद्यालयों का जायजा लिया तो स्कूलों की वार्षिक परीक्षा की हकीकत सामने आई।
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केस-1 : परीक्षा अवधि में बर्तन धोते मिले बच्चे
दोपहर 12:50 बजे मोतिगरपुर विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गौरा में परीक्षा अवधि में बच्चे हैंडपंप पर अपनी थालियां धोते मिले। वहीं, कुछ बच्चे कैंपस में खेल रहे थे। प्रधानाध्यापिका राजकुमारी शर्मा मेडिकल पर हैं। शिक्षिका पुष्पांजलि शुक्ला तीन साथी शिक्षिकाओं के साथ एक कक्ष में बैठकर बात कर रही थीं। बताया कि दूसरी पाली में कार्यानुभव विषय की परीक्षा है, जो प्रयोगात्मक है। बच्चे मिट्टी के खिलौने आदि बनाने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल मौके पर ऐसी कोई तैयारी नहीं दिखी।

केस-2 : ढाबे से बच्चों से मंगवाई चाय 
दोपहर 12:20 बजे मोतिगरपुर विकास खंड क्षेत्र के शाहपुर लपटा उच्च प्राथमिक विद्यालय के दो बच्चे साइकिल से केतली व गिलास लिए लगभग 300 मीटर दूर ढाबे की ओर जाते मिले। लखनऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने ब्रेकर पर दोनों गिरते-गिरते बचे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक इरशाद अली व साथी शिक्षक अपना विद्यालय छोड़ इसी परिसर में बने प्राथमिक विद्यालय में बैठे मिले। हेडमास्टर ने परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पहले बच्चों को ढाबे पर भेजने की बात स्वीकार की। 
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केस-3 : बेतरतीब बैठे मिले बच्चे

दोपहर 1:00 बजे के करीब कुड़वार विकास खंड क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बांसी में द्वितीय पाली की परीक्षा स्काउट गाइड विषय का प्रश्नपत्र शिक्षिका श्यामपट पर लिख रही थीं। इसे बच्चे अपने उत्तर पुस्तिका में उतार रहे थे। यही नहीं बच्चों की बैठक व्यवस्था भी बेतरतीब दिखी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय बांसी के बच्चे भी परीक्षा अवधि में इधर-उधर बैठे हुए नजर आए। 

जांच कर होगी कार्रवाई : बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी केके सिंह ने बताया कि वार्षिक परीक्षा के दौरान शिथिलता व लापरवाही क्षम्य नहीं है। परीक्षा अवधि में बर्तन धोने व चाय के लिए बच्चों को ढाबे पर भेजने के मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने न्याय पंचायत समन्वयकों व ब्लॉक सह समन्वयकों की मदद से विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। 
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