शिकायतों के अनुसार स्वेटरों को मानकों पर खरा नहीं बताया जा रहा है। स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए शासन ने कुछ नियम लागू किए हैं। बीएसए डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि स्वेटर में 30 प्रतिशत ऊन और 70 फीसदी एक्रेलिक धागा होना जरूरी है।
इससे कम मानक हुआ तो स्वेटर की गुणवत्ता खराब मानी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद स्वेटरों के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं।