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IRCTC की वेबसाइट में हैकर्स ने किया सुराख!

Fri, 08 Nov 2013 11:38 AM IST
निशांत यादव/लखनऊ
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राजधानी की श्रुति ने लखनऊ से चंडीगढ़ जाने के लिए कुछ दिन पहले चंडीगढ़ एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 6 नवंबर का अपनी आईडी से वेटिंग का टिकट बनाया।
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6 नवंबर की सुबह उन्होंने अपना पीएनआर नंबर 225-1551985 चेक किया तो पता चला कि उनका टिकट कंफर्म हो गया है।

श्रुति जाने की तैयारी कर ही रहीं थी कि उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि आपका टिकट रद हो गया है।

किराया उनके खाते में भेज दिया जाएगा। इंदिरानगर के ही सुमित श्रीवास्तव ने 5 नवंबर को लखनऊ-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन में थर्ड एसी का टिकट बनवाया था। पहले उनका टिकट वेटिंग था जो शाम होते ही कंफर्म हो गया।

चार्ट बना तो पता चला कि उनकी सीट कंफर्म ही नहीं हो सकी है। स्टेशन पहुंचने के बाद सुमित को वापस लौटना पड़ा। ये टिकट भी उन्होंने पर्सनल आईडी से बनवाया था।
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यह दो उदाहरण इशारा कर रहे हैं कि हैकरों ने भारतीय रेलवे खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट में सेंधमारी शुरू कर दी है। दोनों ही टिकट यात्रियों की पर्सनल आईडी से बनाए गए थे।

यात्रियों का टिकट कंफर्म भी हो गया लेकिन चार्ट बनने से पहले रद हो गया। कुछ माह पहले भी आईआरसीटीसी की वेबसाइट में सेंध लगाकर देश भर में कई स्थानों से तत्काल का विंडो खुलने से पहले टिकट बनने का मामला सीबीआई ने पकड़ा था।

इसके बाद से सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आईआरसीटीसी के एजेंटों की आईडी से तत्काल टिकट बनाए जाने पर रोक लगा दी गई थी।

अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट से अपनी आईडी से टिकट बनाने वाले यात्रियों के साथ धोखाधड़ी शुरू हो गई है। यात्रियों की जानकारी के बिना उनके कंफर्म टिकट निरस्त हो रहे हैं।
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उसमें भी पैसेंजर की पर्सनल आईडी में सेंधमारी की जा रही है। देश में प्रतिदिन औसतन 10.60 लाख आरक्षित टिकट बनते हैं। इनमें अकेले आईआरसीटीसी की वेबसाइट से 4.85 लाख टिकटों की बुकिंग की जाती है।

दूसरी ओर आईआरसीटीसी के अधिकारी वेबसाइट में लगातार हो रही सेंध की जांच कराने की जगह इस तरह की शिकायतों से ही पल्ला झाड़ रहे हैं।

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