निर्मल कुमार ने बेगमपुरा एक्सप्रेस से गत 18 जुलाई को जम्मू से लखनऊ के लिए थर्ड एसी का टिकट करवाया। पीएनआर 2244827617 मिला, टिकट वेटिंग में था। उन्होंने टिकट का पेमेंट भीम एप के जरिये अपने खाते से किया। किन्हीं कारणों से उन्हें टिकट कैंसिल करवाना पड़ा। आईआरसीटीसी ने 17 दिन बाद उन्हें रिफंड का मेसेज भेजा। मेसेज देख, उनके होश उड़ गए। उनका रिफंड पेटीएम पर भेज दिया गया था, जबकि उनका पेटीएम पर खाता तक नहीं है। अब वह परेशान घूम रहे हैं, अधिकारी उनकी सुनवाई तक नहीं कर रहे हैं।
यह इकलौता मामला नहीं है। आईआरसीटीसी की कारस्तानियाें की लंबी फेहरिस्त है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। पहले उन्हें कन्फर्म टिकटों की मारामारी से जूझना पड़ रहा है, दूसरी ओर टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड देरी से मिल रहा है। मिल भी रहा है तो पेटीएम पर। ऐसे में यात्रियों को रिफंड के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही है। निर्मल कुमार बताते हैं, मैंने जम्मू से लखनऊ के लिए बेगमपुरा का टिकट कैंसिल करवाया, लेकिन रिफंड पेटीएम पर भेज दिया गया, जबकि मैंने भीम एप के जरिये पेमेंट किया था। मैंने पेटीएम पर खाता भी बनाया, लेकिन रिफंड का पैसा मुझे क्रेडिट नहीं हुआ। आईआरसीटीसी प्रशासन से मामले की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यही नहीं, मैंने हिमगिरी एक्सप्रेस से जम्मू से लखनऊ के लिए एक और टिकट करवाया, जो कन्फर्म नहीं हुआ। उसका रिफंड आज तक नहीं आया, जबकि वह आठ से 10 बार हेल्पलाइन पर शिकायत कर चुके हैं।
दिल्ली स्थित आईआरसीटीसी मुख्यालय के सूत्र बताते हैं कि रिफंड के भुगतान के मामले में लापरवाही की जाती है। ऐसे मामले भी हैं, जिसमें यात्रियों का रिफंड कई वर्षों से अटका हुआ है। करीब 318 करोड़ रुपये का रिफंड अटका हुआ है। इसके लिए यात्री परेशान भटक रहे हैं।
नियम कहता है- जिससे पेमेंट उसी में रिफंड
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने कहा कि आईआरसीटीसी की मनमानियों से यात्री त्रस्त हैं। खानपान सेवाओं से लेकर टिकटिंग तक में मनमानी है, लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। नियमानुसार जिस खाते से पेमेंट हुआ है, रिफंड उसी पर आना चाहिए। पेमेंट पेटीएम वॉलेट से नहीं किया गया तो रिफंड उसपर भेजने का मामला गंभीर है।
जांच कराकर यात्री की मदद की जाएगी
आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा का कहना है कि टिकट का रिफंड वहीं किया जाता है, जहां से धनराशि का भुगतान हुआ है। अगर खाते से पेमेंट होकर रिफंड दूसरे चैनल पर गया है तो मामले की जांच कराकर यात्री की पूरी मदद की जाएगी।