इस्राइल गए यूपी के 5952 कामगारों को लेकर प्रदेश सरकार लगातार समन्वय एजेंसी के संपर्क में है। ये कामगार इस्राइल की 112 कंपनियों में काम कर रहे हैं। मिसाइल हमलों के बीच कामगारों को बंकरों और कार्यस्थलों में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इस्राइल में मौजूद यूपी के कामगारों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार चिंतित है। इस संबंध में प्रदेश सरकार के साथ समन्वय करने वाली एजेंसी एनएसडीसी इंटरनेशनल से लगातार बात हो रही है। एनएसडीसी इंटरनेशनल कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की एक शाखा है। इसके अलावा तेल अवीव में भारतीय दूतावास भी मजदूरों की नियुक्ति और सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण समन्वयकारी भूमिका निभा रहा है।
श्रम विभाग के मुताबिक मिसाइल हमलों के बीच तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एनएसडीसी इंटरनेशनल ने कामगारों को उनके कार्यस्थलों और जरूरत होने पर बंकरों में रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुरक्षा उपायों का हर हाल में पालन करने की सलाह दी गई है। कामगार किसी भी आपात स्थिति में फोन या व्यक्तिगत रूप से तेल अवीव के हयार्कोन स्ट्रीट स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क कर सकते हैं। इजरायल सरकार ने आम जनता को सुरक्षा निर्देशों, आश्रय प्रोटोकॉल को लेकर जो सलाह दी है, नो यूपी के श्रमिकों के लिए भी लागू है।
पिछले साल इस्राइल ने यूपी से प्लास्टर, टाइल्स फिटिंग, फ्रेमवर्क और वेल्डिंग कामगारों के लिए भर्तियां शुरू की थीं। 5952 कामगारों के बाद 5000 कामगारों को भेजने की तैयारी की जा रही थी। ये कामगार ओवरटाइम के साथ 2.5 लाख रुपये महीना तक कमा रहे हैं। ये कामगार हर महीने 100 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा के रूप में यूपी भेज रहे थे।