कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद लखनऊ पुलिस की जिम्मेदारी को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। लखनऊ शहर में 40 थाने जबकि लखनऊ ग्रामीण के दायरे में 5 थाने आएंगे। लखनऊ नगर के 40 थाने ही पुलिस कमिश्नर के दायरे में आएंगे।
नगर में ये थाने
आलमबाग, अलीगंज, अमीनाबाद, आशियाना, बाजारखाला, बंथरा, चौक, कैंट, चिनहट, गोमतीनगर, गुडंबा, गाजीपुर, गौतमपल्ली, हसनगंज, हजरतगंज, हुसैनगंज, इंदिरानगर, जानकीपुरम, कैसरबाग, कृष्णानगर, महानगर, मानकनगर, मड़ियांव, नाका, पारा, पीजीआई, सरोजनीनगर, तालकटोरा, सआदतगंज, ठाकुरगंज, विभूतिखंड, विकासनगर, वजीरगंज, काकोरी, नगराम, महिला थाना, मोहनलालगंज, सुशांत गोल्फ सिटी, गोमतीनगर विस्तार।
लखनऊ ग्रामीण में ये थाने
बीकेटी, इटौंजा, मलिहाबाद, निगोहा, माल।
पुलिस आयुक्त : पुलिस महानिरीक्षक या उच्च रैंक का।
02 संयुक्त पुलिस आयुक्त : दोनों पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी होंगे। एक कानून-व्यवस्था का काम देखेगा, दूसरा मुख्यालय का।
10 पुलिस उपायुक्त : सभी पुलिस अधीक्षक स्तर के होंगे। पांच पुलिस उपायुक्त 5 जोन में होंगे। एक-एक उपायुक्त यातायात, अपराध, मुख्यालय, अभिसूचना व सुरक्षा तथा महिला अपराध से संबंधित मामले देखेगा।
13 अपर पुलिस उपायुक्त : ये सभी अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के होंगे। इनमें एक स्टाफ ऑफिसर की जिम्मेदारी निभाएगा। 5 जोन में होंगे। एक-एक कानून-व्यवस्था, यातायात, अपराध, मुख्यालय, अभिसूचना व सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे।
28 सहायक पुलिस आयुक्त : ये सभी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी होंगे। इनमें 14 सर्किल में तैनात होंगे। एक कानून-व्यवस्था, तीन यातायात, दो अपराध, एक लाइन्स, दो लेखा व कार्यालय, एक अभिसूचना, दो सुरक्षा व दो महिला अपराध से संबंधित मामले देखेंगे।
सहायक रेडियो अधिकारी व मुख्य अग्निशमन अधिकारी के एक-एक पद होंगे।
प्रदेश में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने के बाद 33 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। इसमें डीजी से लेकर एसपी रैंक तक के अफसर शामिल हैं। पुलिस आयुक्त प्रणाली के तहत 23 अफसरों की तैनाती की गई है। इसमें दो एडीजी, दो आईजी, दो डीआईजी और 17 एसपी रैंक के अधिकारी हैं।
प्रतिनियुक्ति से लौटे डीजी जावीद अहमद को फायर सर्विसेज में डीजी बनाया गया है। फायर सर्विसेज के डीजी विश्वजीत महापात्रा को रूल्स एंड मैन्युअल भेज दिया गया है। होमगार्ड विभाग से प्रतीक्षारत किए गए जीएल मीणा को डीजी यूपी राज्य मानवाधिकार आयोग, लखनऊ और डीएल रत्नम को डीजी मानवाधिकार बनाया गया है।