बरेली में गैर परंपरागत रूट से कांवड़ निकालने के लिए बवाल कर रहे कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के बाद हटाए गए एसएसपी प्रभाकर चौधरी को पहले भी तमाम तबादलों का सामना करना पड़ा है। बीते आठ साल में प्रभाकर का 18 बार तबादला हो चुका है। हालांकि कई बार जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर सरकार ने उनको हालात संभालने के लिए भेजा।
बीते आठ साल में हुए प्रभाकर चौधरी के तबादलों पर नजर डालें तो जनवरी 2015 मे उनको ललितपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दिसंबर में उनको इंटेलिजेंस मुख्यालय भेजा गया, जहां करीब दो महीने रहने के बाद देवरिया का एसपी बना दिया गया। सात महीने बाद बलिया भेजा गया, लेकिन दो महीने ही टिक पाए।
इसके बाद छह महीने के लिए कानपुर देहात का एसपी बना दिया गया। मई 2017 में एटीएस में तैनाती की गई, जिसके बाद सितंबर मे बिजनौर भेज दिया गया। छह महीने बाद उनको मथुरा की कमान सौंपी गई, लेकिन तीन महीने बाद ही सीतापुर जैसे छोटे जिले में भेज दिया गया। दिसंबर 2018 में बुलंदशहर में कानून व्यवस्था बिगड़ने पर उनको तत्काल मोर्चा संभालने के लिए भेजा गया। हालांकि दो महीने बाद ही उनको जीआरपी लखनऊ भेज दिया गया।
छह महीने बाद सोनभद्र में हालात बिगड़ने पर फिर प्रभाकर को कमान सौंपी गई। दो माह बाद उनको वाराणसी का एसएसपी बना दिया गया। नौ महीने बाद मेरठ का एसएसपी बना दिया गया। एक साल बाद उनको आगरा की जिम्मेदारी दी गई। नवंबर 2022 में पीएसी में तैनात करने के चार महीने बाद उनको बरेली भेजा गया था।