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रीयल एस्टेट कंपनी भी चलाते हैं भ्रष्टाचार के आरोपी आईपीएस आनंद सेन

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विवेक त्रिपाठी
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पशुपालन विभाग में टेंडर के नाम पर 10 करोड़ रुपये ठगी और भ्रष्टाचार के मामले में फंसे आईपीएस अरविंद सेन रीयल एस्टेट कंपनी भी चलाते हैं। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आईपीएस की श्यामा स्क्वॉयर एलएलपी के नाम से कंपनी है जिसका ऑफिस गुडंबा के आदिलनगर में है। टेंडर के नाम पर इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भाटिया को ठगने वाले शातिरों ने आईपीएस की कंपनी श्यामा स्क्वॉयर एलएलपी के खाते में भी मोटी रकम जमा कराई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस जानकारी के बाद श्यामा स्क्वॉयर एलएलपी के बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आईपीएस की कंपनी श्यामा स्क्वॉयर एलएलपी की शुरुआत 18 जनवरी 2017 में हुई थी। कंपनी में आईपीएस के अलावा एक और निदेशक आराधना कुमारी हैं। जब से कंपनी शुरू हुई है, आईपीएस और आराधना कुमारी ही इसके निदेशक बने हुए हैं। दोनों खुद को कंपनी का साझेदार बताते हैं। आईपीएस ने इस कंपनी को छिपाकर रखा था। पशुपालन विभाग में टेंडर के नाम पर ठगी के मामले में फंसे आशीष राय, एके राजीव, अनिल राय व अन्य लोगों ने पूछताछ में आईपीएस अरविंद सेन को अपना साथी बताया और उनके निजी बैंक खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करने की जानकारी दी। पुलिस की जांच में रकम के लेन-देन की पुष्टि हो गई थी। बाद में पता चला कि ठगों ने आईपीएस की रीयल एस्टेट कंपनी के खाते में भी रुपया जमा कराया था। पुलिस को ठगों के अकाउंट की जांच की तो पता चला कि उससे श्यामा स्क्वॉयर एलएलपी के खाते में एक बार में पांच लाख रुपये व कई बार में लाखों रुपये जमा कराए गए हैं। श्यामा स्क्वॉयर के बारे में पड़ताल की गई तो खुलासा हुआ कि वह आईपीएस अरविंद सेन की ही कंपनी है।
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लटकी गिरफ्तारी की तलवार, गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी
आईपीएस अरविंद सेन ने कानून का शिकंजा कसते ही अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी जिसे बीते दिन भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने खारिज कर दिया। अर्जी खारिज होते ही आईपीएस पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। दूसरी तरफ, राजधानी पुलिस ने भी कार्रवाई के लिए कमर कस ली है। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि आईपीएस के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के लिए प्रक्रिया चल रही है। वारंट मिलते ही आईपीएस की गिरफ्तारी की जाएगी।
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