प्रदेश सरकार ने जापानी कंपनियों को सूबे में जापानी औद्योगिक परिक्षेत्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है।
प्रदेश सरकार की ओर से इसके लिए जमीन, जल, सीवर व बिजली आपूर्ति सुलभ कराने का आश्वासन दिया है।
बुधवार को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन व प्रमुख सचिव डा. एसपी सिंह ने दिल्ली में आयोजित भारत-जापान मंत्रिस्तरीय एवं शासकीय बिजनेस संवाद में हिस्सा लिया।
इसमें जापान के आर्थिक, व्यापार एवं उद्योग मंत्री तोशीमित्सु मोतेगी के नेतृत्व में जापानी व्यापारी प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा खास तौर से मौजूद थे।
इस मौके पर प्रदेश के अधिकारियों ने सूबे में निवेश की असीम संभावनाओं को लेकर प्रजेंटेशन दिया।
आईआईडीसी व प्रमुख सचिव ने जापानी प्रतिनिधिमंडल से अलग-अलग भी संवाद किया। जिन जापानी कंपनियों को सूबे में निवेश के लिए आमंत्रित किया है उनमें मित्सुई एंड कंपनी, मित्सुबिशी कार्पोरेशन, होण्डा मोटर्स, पैनासोनिक व सुजुकी आदि शामिल हैं।
इन कंपनियों को डीएमआईसी व ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर परियोजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में निवेश के अवसरों की जानकारी दी गई।
इस बैठक में डीएमआईसीडीसी के सीईओ अमिताभ कांत, सचिव औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग सौरभ चंद्रा व भारतीय व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।