प्रदेश सरकार ने दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (डीएमआईसी) के तीन अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट के साथ ही सूबे के दूसरे औद्योगिक प्रोजेक्ट में निवेश को आकर्षित करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन 11 सितंबर को दिल्ली में जापान के आर्थिक व्यापार एवं उद्योग मंत्री तोशीमित्सू मोटेगी को सूबे में जापानी निवेश से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी देंगे।
जानकार बताते हैं कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर प्रोजेक्ट में जापान भी सहयोग कर रहा है। जापान के आर्थिक व्यापार एवं उद्योग मंत्री यहां आने पर इस प्रोजेक्ट के प्रगति की जानकारी लेंगे।
इसी लिहाज से केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने डीएमआईसी से जुड़े राज्यों के अधिकारियों की मोटेगी के साथ 11 सितंबर को बैठक रखी है। इसमें केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा भी उपस्थित रहेंगे।
यूपी से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन व विभाग के प्रमुख सचिव डा. एसपी सिंह इस बैठक में शामिल होंगे।
यूपी के अधिकारी वहां मंत्री के सामने डीएमआईसी के यूपी के हिस्से में प्रस्तावित तीन अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट को फोकस करेंगे।
इसमें इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा, मल्टी माडल ट्रांजिट हब बोड़ाकी व मल्टी माडल लाजिस्टिक हब दादरी के प्रस्ताव शामिल हैं। इस पर जल्द काम शुरू होगा।
प्रदेश की ओर से यह भी बताया जाएगा कि इन प्रोजेक्ट के अलावा भी जापान कहां-कहां और किन-किन क्षेत्रों में निवेश कर सकता है। आईआईडीसी ने बैठक की तैयारियों को लेकर सोमवार को बैठक भी की।
मेगा लेदर क्लस्टर की प्रगति परखी
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन ने सोमवार को संडीला व कानपुर के मेगा लेदर क्लस्टर को समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित कराने को लेकर उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की।
इस मौके पर विभाग के प्रमुख सचिव एसपी सिंह, लघु उद्योग निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल व यूपीएसआईडीसी के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने उन्नाव की ट्रांस गंगा परियोजना के बारे में उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी ली।