भूपेंद्र शर्मा के समय में ललितपुर में भौरट बांध परियोजना में बड़े घपले हुए। बिना काम कराए ही 92 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यही नहीं, चार हजार बोरी सीमेंट बिना प्रयोग के खुले में पड़ी रहने दीं। इससे यह जम गईं और सरकार को 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा गंडक परियोजना में 35 करोड़ रुपये का घोटाला किया। शासन से जांच में आरोप सिद्ध पाए जाने के बावजूद शर्मा को बचाते हुए केवल परिनिंदा प्रविष्टि देकर छोड़ दिया गया।
मुख्य अभियंता गंडक, गोरखपुर के पद पर रहते हुए भूपेंद्र शर्मा ने अनेक अनुबंध व कार्यों को बिना मानक करवाया। स्थानांतरण के बाद गोरखपुर में आवंटित सरकारी आवास खाली नहीं किया। लखनऊ में भी एक और आवास आवंटित करा लिया। सपा सरकार के दौरान शर्मा करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार में शामिल रहे हैं। यहां तक कि अवर अभियंताओं के स्थानांतरण तक में अनियमितताएं बरतीं।
वाराणसी में वरुणा नदी के कार्य में गड़बड़ियां करने के लिए मुख्य अभियंता स्तर-1 न बनने के बाद भी मुख्य अभियंता (विंध्याचल), स्तर -1, इलाहाबाद का कार्यभार दे दिया गया। वहां इन्होंने बिना अनुमति और अनुबंध के कार्य को प्रारंभ कर दिया। नियमानुसार पर्यावरण और सीडब्ल्यूसी की अनुमति भी नहीं लीं।