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मार्टिना की क्लासमेट थीं महिला डिप्टी एसपी, एएसपी समेत कई और भी अफसर आते-जाते हैं घर

Thu, 16 Nov 2017 05:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मर्टिना और उसके भाई। - फोटो : amar ujala
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पीजीआई क्षेत्र की एल्डिको निवासी मार्टिना गुप्ता (28) की ऑनर किलिंग के बाद पुलिस घर आने-जाने वाले पुलिस अधिकारियों और रसूखदारों का ब्योरा खंगालने में जुटी है। मामले में मार्टिना के पिता व स्वास्थ्य विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले राकेश गुप्ता को थाने की लॉकअप में मखमली बिस्तर मुहैया कराने और पुलिस के खेल का खुलासा होने के बाद अधिकारियों ने यह निर्देश दिए।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजधानी में तैनात महिला डिप्टी एसपी का मार्टिना के घर अक्सर आना-जाना था। यह डिप्टी एसपी मार्टिना की सहपाठी बताई जा रही हैं। वारदात के बाद उक्त डिप्टी एसपी ने मौके पर जाकर मीडिया कर्मियों को भीतर जाने से रोका था।

गैर जनपद में तैनात एक एएसपी का भी मार्टिना के घर काफी आना-जाना था। राजधानी में तैनात रह चुके उक्त एएसपी के मार्टिना के पिता से व्यक्तिगत संबंध है। इसके अलावा कई आईपीएस अधिकारियों के भी घर आने की जानकारी है।
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मार्टिना की पांच गोलियां मारकर हत्या के बाद राकेश गुप्ता और उसके बेटों ने किन-किन पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया? कौन से पुलिस अधिकारी उनके घर आए? उनके राकेश से किस तरह के संबंध हैं? पुलिस यह जानकारियां जुटा हैं।

अधिकारियों के दबाव में पुलिस कर रही खानापूरी

मालूम हो कि शनिवार सुबह करीब आठ बजे मार्टिना की उसके बेडरूम में ही गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार के सदस्य इस पूरे मामले को पुलिस से छिपाए रहे और खुदकुशी साबित करने की कोशिश की। पोस्टमार्टम में शरीर से पांच गोलियां मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की खानापूरी शुरू की।

रविवार को नाटकीय घटनाक्रम में मार्टिना की मां ने पति राकेश पर ही हत्या के आरोप की तहरीर दी जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस ने मार्टिना के भाई अजीत उर्फ दीपक गुप्ता और यश गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया। घर पर मौजूद तीन अन्य भाइयों और उनकी पत्नियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि राकेश के करीबी पुलिस अधिकारियों के दबाव में ही बाकी सदस्यों को बचाने की भूमिका बनाई गई।
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