प्रदेश में कई जगहों पर अपात्रों को किसान सम्मान निधि मिलने के मामले सामने आने के बाद कृषि विभाग ने इसकी जांच शुरू करा दी है। प्रशासन ने अपात्रों को स्वेच्छा से मिली राशि जमा करने का विकल्प दिया है। वे खुद भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से यह राशि जमा कर सकते हैं, अन्यथा भू-राजस्व की तरह आरसी काटकर वसूली होगी।
प्रदेश में वर्तमान में इस योजना के 2.32 करोड़ लाभार्थी हैं। इन दिनों योजना का लाभ पाने वालों के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है। मुरादाबाद में 14 हजार आवेदकों के अपात्र होने के कारण उनका ऑनलाइन आवेदन रद्द कर दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इनमें से किसी के खाते में राशि नहीं भेजी गई।