शिवपाल यादव के करीबी सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश्वर सिंह यादव के सात शहरों में जिन 22 ठिकानों पर आयकर विभाग ने 24 घंटे तक छापेमारी की, उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आयकर विभाग निष्कर्ष पर पहुंचा है कि यादव खुद लखपति हैं। जबकि पत्नी, बेटा, पुत्रवधू और भतीजे व साले अरबपति और करोड़पति हैं। संपत्तियों की जांच के बाद आयकर विभाग ने कई सबूत एकत्र किए हैं। रिश्तेदारों के बयान भी वीडियो के माध्यम से दर्ज किए हैं।
आयकर विभाग की 22 टीमों ने छापेमारी के दौरान उनके गांव के अलावा साले और करीबियों समेत ठेकेदार के पास भी हैसियत से कई-कई गुना अधिक संपत्ति मिली। सेक्टर-44 में उनके बेटे और गांव में संपत्ति को देख रहे भतीजे के बयान वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज किए गए। बेटे और भतीजे ने माना कि वह केवल देखरेख ही करते हैं। यह सब राजेश्वर सिंह का ही है।
आयकर अधिकारियों के मुताबिक, एनसीआर में उसके करीब 50 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। जबकि अन्य संपत्तियों में निवेश के दस्तावेज मिले हैं। इससे राजेश्वर सिंह यादव के पास 200 से 250 करोड़ की संपत्ति होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो राजेश्वर की अधिकतम सम्पत्ति रिश्तेदारों के नाम पर ही हैं। यह उनके पुत्र, पुत्रवधू, और पत्नी के अलावा उनके दो साले आदि के नाम पर हैं।
अधिकतर रिश्तेदारों ने वीडियो में बयान दर्ज करके बता भी दिया है कि वह संपत्ति की देखरेख व कागजी कार्रवाई करते हैं। जबकि सबकुछ राजेश्वर ही देखते हैं। पूरा हिसाब-किताब भी वह शनिवार-रविवार की छुट्टी में लेते थे। अधिकारियों की मानें तो निवेश के जो दस्तावेज हैं और जो कंपनियां हैं, उन्हीं के नाम से पैसा लगाया गया है।