लखनऊ। महापौर सुषमा खर्कवाल की शिकायत पर शासन ने नगर निगम के दो पीसीएस अफसरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। शासन ने नगर आयुक्त गौरव कुमार से रिपोर्ट मांगी है। जिन दो अफसरों का मामला है, उनमें से नम्रता सिंह को दो सप्ताह पहले शासन ने नगर निगम से हटाकर जिला प्रशासन में तैनात किया है। मंगलवार को वह नगर निगम से भी कार्यमुक्त हो गईं।
तीन महीने पहले महापौर ने मार्ग प्रकाश विभाग में स्ट्रीट लाइटों के टेंडर की नियम-शर्तों को लेकर सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था कि कुछ फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए इसमें बदलाव किया गया। उन्होंने अपर नगर आयुक्त ललित कुमार से जवाब तलब किया था। अपर नगर आयुक्त ने अपना पक्ष रखते हुए दोबारा टेंडर जारी किए थे।
अपर नगर आयुक्त नम्रता सिंह पर आरोप था कि उन्होंने झूलेलाल घाट के आवंटन में देरी की, जिससे नगर निगम को तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसे लेकर भी अपर नगर आयुक्त की ओर से तथ्यों के साथ जवाब दिया गया था।
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जानकारों का कहना है कि मामला सिर्फ महापौर की नाराजगी के चलते बढ़ा है। अफसर उनके कहने पर चलते तो जांच के झमेले में न फंसना पड़ता।