लखनऊ। केजीएमयू में न्यू टीजी हॉस्टल में कीड़े और कंकड़युक्त खाना परोसे जाने का मामला सामने आने के बाद केजीएमयू प्रशासन की नींद खुल गई है। अब नए सिरे से सभी हॉस्टल की पड़ताल की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने सभी वार्डन से हॉस्टल की मेस और वहां की व्यवस्था के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
केजीएमयू में 12 हॉस्टल हैं। सभी में मेस चल रही हैं। न्यू टीजी हॉस्टल के छात्रों ने शुक्रवार को कीड़े और कंकड़युक्त खाना मिलने पर हंगामा किया था। उन्होंने सोमवार को पूरे मामले की शिकायत वार्डन से की थी। छात्रों ने खाने से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध कराए थे। मंगलवार को सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने सभी वार्डन को पत्र जारी किया है। इसमें निर्देश दिया है कि दो दिन के अंदर हॉस्टल के खानपान की व्यवस्था संबंधित रिपोर्ट दें। छात्रों के लिए मेस में खाना बनाने की जिम्मेदारी किसे दी गई है, खाने की गुणवत्ता और सामग्री रखरखाव की व्यवस्था भी देखने के निर्देश दिए गए हैं।
कभी-कभी ही हॉस्टल जाते हैं वार्डन
केजीएमयू में 12 हास्टल हैं। इनकी निगरानी के लिए 45 लोगों की टीम बनी है। हर हॉस्टल का एक वार्डन और दो से तीन सहायक वार्डन बनाए गए हैं। यह जिम्मेदारी ज्यादातर वरिष्ठ प्रोफेसरों को सौंपी गई है। सूत्रों की मानें तो वार्डन कभी कभार ही हास्टल की व्यवस्थाएं देखने जाते हैं। वहां मौजूद चंद क र्मचारियों के भरोसे ही हॉस्टल की व्यवस्था है। यही वजह है कि कई बार रैगिंग होने पर भी छात्र शिकायत करने से कतराते हैं। नया सत्र शुरू होने पर यूजी छात्रों वाले हॉस्टल में रैगिंग के भय से जांच पड़ताल होती है, लेकिन पीजी हॉस्टल की व्यवस्थाएं भगवान भरोसे हैं।
हॉस्टल में हो चुकी है मारपीट
केजीएमयू के कई हॉस्टलों में अराजकता भी हो चुकी है। पिछले साल एक हॉस्टल में कर्मचारियों ने पार्टी की थी। इस मामले को लेकर जमकर मारपीट हुई थी। मामले की जांच के लिए कमेटी बनी, लेकिन कुछ दिन बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
न्यू टीजी हॉस्टल की शिकायत को देखते हुए जांच कराई जा रही है। वहां के मेस संचालक से भी पूछताछ की गई है। इस मामले को देखते हुए सभी वार्डन को अपने-अपने हॉस्टल का निरीक्षण करने और वहां की स्थिति के बारे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।