रायबरेली। बिजली उपकेंद्र सेमरी के तहत दो गांवों में बिजली लाइन बिछा देने के मामले की जांच पूरी हो गई है। ऐसे में जेई और संविदा कर्मचारी पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिस तरह इस मामले की जांच हुई है, उससे हड़कंप है।
दरअसल, चार माह पहले सेमरी बिजली उपकेंद्र के तहत शीतला बख्शखेड़ा और मानपुर गांव में फर्जी तरीके से बिजली लाइन बिछाने का आरोप लगा था। शिकायत के बाद एसडीओ ने जांच की थी। जिसमें पाया कि जेई और संविदा कर्मचारी की मिलीभगत से फर्जी तरीके से बिजली लाइन बनाई गई। एसडीओं ने ट्रांसफार्मर और पोल जब्त कर उपकेंद्र पहुंचा दिया था। मामला उजागर होने पर जेई और संविदा कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही थी।
अधीक्षण अभियंता ने प्रकरण की जांच एक्सईएन को सौंपी थी। चार माह बाद अब जांच पूरी हो गई है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि जांच में जेई और संविदा कर्मचारी दोषी मिला है। इन पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। एक्सईएन अजय मौर्य ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। जल्द ही अधीक्षण अभियंता को रिपोर्ट सौंप देंगे। उधर, अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलते ही दो दिन में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।