लखनऊ। पुरनिया स्थित हर्षा हॉस्पिटल में तीन साल के बच्चे की माैत के मामले में सीएमओ ने तीन सदस्यीय समिति बना दी है। सीएमओ कार्यालय ने अस्पताल से इलाज से संबंधित रिकॉर्ड भी तलब किए हैं।
पुरनिया बंधा रोड स्थित हर्षा हॉस्पिटल के मैनेजर पर डाॅक्टर की अनुपस्थिति में खुद इलाज करने का आरोप लगा था। हालांकि, मैनेजर ने इसे नकार दिया था। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद नर्सिंग होम के नोडल अफसर डॉ. एपी सिंह ने बताया कि घटना की जांच के लिए बाल रोग विशेषज्ञ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। जल्द ही अस्पताल संचालक, इलाज करने वाले चिकित्सकों और परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
यह था मामला
सीतापुर के मछरेहटा के रहने वाले इंद्रप्रकाश के बेटे हर्षित (3) को आंत में समस्या होने पर निजी अस्पताल में दिखाया गया था। यहां से उसे ट्रॉमा रेफर किया गया, लेकिन दलाल ने घरवालों को झांसा देकर हर्षा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पूरी रात डॉक्टर नहीं थे। मैनेजर व दूसरे स्टाफ डॉक्टर से फोन पर दवा पूछकर बच्चे का इलाज करते रहे। सुबह बताया गया कि बच्चे की माैत हो गई है।