लखनऊ। नगर निगम के एक लेखा परीक्षक पर घूस मांगने के आरोप को लेकर स्थानीय निकाय निदेशालय ने जांच शुरू कर दी है। यह जांच आवारा कुत्तों की नसबंदी और आवारा पशुओं के चारे की फाइलों को पास करने के मामले से जुड़ा है, जिसकी शिकायत कुत्तों की नसबंदी करने वाली संस्था की ओर से शासन में की गई थी।
मामला बीते वित्तीय वर्ष का है, जिसमें लेखा परीक्षा विभाग के एक लेखा परीक्षक पर यह आरोप लगा कि उन्होंने घूस के लिए कुत्तों की नसबंदी और पशुओं के चारे की फाइलों को पास करने के एवज में घूस मांगी थी। नहीं मिलने पर बेवजह की आपत्तियां लगाईं। उसमें यह आपत्ति लगाई कि कुत्तों की नसबंदी करने वाली संस्था का नाम ही ऑनलाइन नहीं दिख रहा है, जबकि संस्था ने उसे अपने प्रमाण पत्र दिखाए। संस्था ने यह बताया कि वह प्रतिष्ठित संस्था है। इसको लेकर संस्था ने शासन में शिकायत की। शासन के मांगने पर तत्कालीन नगर आयुक्त ने शासन को पूरी रिपोर्ट भी भेजी। जिसके बाद अब स्थानीय निकाय निदेशालय ने इस मामले में जांच शुरू की है। नगर आयुक्त तथा मुख्य नगर लेखा परीक्षक बनवारी लाल को पत्र लिखकर पूरी फाइलें मांगी है। मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने भी भुगतान की जो मूल फाइल लेखा परीक्षक ने फंसाईं थी उनकी मांग की है।