जिस वजह से लेखपाल भर्ती पिछले दो साल से टल रही थी, आखिरकार सरकार उस प्रावधान को बदलने में कामयाब हो गई। सरकार के कड़े रुख का अंदाजा होने के बाद अफसरों ने लेखपाल भर्ती में इंटरव्यू के नंबर 10 से बढ़ाकर 20 करने पर रजामंदी दे दी है।
अब आगामी कैबिनेट में इंटरव्यू के नंबर को बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पर मुहर लगवाने की तैयारी है। हालांकि अधिकारियों ने इस बदलाव के बाद आने वाली कानूनी पेचीदगियों से सरकार को आगाह कर दिया है।
प्रदेश में लेखपाल के 7000 से अधिक पदों पर भर्ती होनी है। लेखपाल भर्ती के लिए 100 नंबर की चयन प्रक्रिया है। इसमें 90 नंबर की बहुविकल्पीय लिखित परीक्षा और 10 नंबर के इंटरव्यू का प्रावधान है। सरकार 10 नंबर के इंटरव्यू पर किसी भी तरह से भर्ती कराने को तैयार नहीं थी।
निष्पक्षता को लेकर उठ सकते हैं सवाल
इस बीच राजस्व परिषद में दो-दो आयुक्त और सचिव बदल गए लेकिन इंटरव्यू के नंबर बढ़ाने का प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। जानकार बताते हैं कि पिछले दिनों राजस्व विभाग की समीक्षा में उच्च स्तर से दो टूक निर्देश दे दिया गया कि अब भर्ती टाली नहीं जा सकती है और इंटरव्यू को 20 नंबर करने संबंधी प्रस्ताव जल्द से जल्द पेश कर दिया जाए।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में लेखपाल भर्ती को लेकर अहम बैठक हुई। इसमें राजस्व विभाग के अलावा कार्मिक व वित्त सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में अफसरों ने इंटरव्यू के नंबर में बदलाव किए जाने पर मामले को न्यायालय में चुनौती दिए जाने की आशंका जताई। साथ ही आगाह किया कि इससे युवाओं में भर्ती की निष्पक्षता को लेकर गलत संदेश जा सकता है। इससे सरकार को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा प्रस्ताव
इंटरव्यू के नंबर अधिक होने पर सरकारी अफसरों वाले इंटरव्यू बोर्ड पर धांधली के आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो सकते हैं। हालांकि सरकार के कड़े रुख के मद्देनजर बैठक में 80 नंबर की लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के नंबर 10 से बढ़ाकर 20 करने पर सहमति दे दी गई। अब कैबिनेट की आगामी बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव आ सकता है।
अधीनस्थ चयन आयोग से बाहर करने की लेंगे मंजूरी
बैठक में यह भी तय हुआ कि समूग ‘ग’ का पद होने के बावजूद लेखपाल भर्ती को अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के दायरे से बाहर रखा जाए।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग केगठन से जुड़े प्रावधान में सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी पद को आयोग के दायरे से बाहर कर सकती है।
इस प्रस्ताव को भी जल्द ही मंजूरी दिलाई जाएगी। लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी किसी बाहरी एजेंसी को सौंपी जाएगी जिसके चयन की कार्यवाही पहले ही शुरू कर दी गई है।