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हॉलीवुड से भी बड़ी हो गई है भारत की फिल्म इंडस्ट्री: राहत फतेह अली खान

Sun, 12 Jun 2016 04:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राहत फतेह अली खान - फोटो : amar ujala
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पड़ोसी मुल्क से आकर हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय और विशिष्ट पार्श्वगायक बन चुके राहत फतेह अली खान इन दिनों लखनऊ में हैं। वह नगर की गायिका और संगीतकार अनुपमा राग के साथ एक गीत का फिल्मांकन कर रहे हैं।
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‘सांवरे’ नामक इस गीत की रिकॉर्डिंग मुंबई में हो चुकी है। लखनऊ से गहरा रिश्ता महसूस करने वाले राहत फतेह अली खान ने शनिवार को पत्र-प्रतिनिधियों से बातचीत कर साझे की दिल की बात...

सवाल - यह किस तरह का गीत है?

जवाब - अनुपमाजी के साथ पहले भी एक गाना गा चुका हूं। वे खुद भी संगीतकार हैं। ‘सांवरे’ के लिए मुझे चुना गया है, यह मेरे लिए प्रसन्नता की बात है। हम दोनों ने इसे गाया है। बहुत सुरीला गाना है और इसके पीछे बहुत अच्छी सोच है। इसमें शास्त्रीय संगीत का आधार है। शास्त्रीय संगीत के कारण इसमें खूबसूरती आती है।
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'लखनऊ का इतिहास हमेशा आकर्षित करता रहा'

सवाल - लखनऊ से किस तरह का जुड़ाव महसूस करते हैं?

जवाब - लखनऊ से मेरा ताल्लुक अदब का है। कविता में मैं जिन्हें अपना उस्ताद मानता हूं, खुर्रम इलाहाबादी साहब, उनके उस्ताद कमर जलालवी साहब लखनऊ में रहे। वैसे, लखनऊ का इतिहास मुझे हमेशा से आकर्षित करता है। यहां पहले भी आ चुका हूं। बहुत प्यार मिलता है।

सवाल - क्या वजह है कि इधर हिंदी फिल्मों के आपके गीत कम हो गए हैं?

जवाब - मैंने हमेशा से कम ही गाया है। साल में मैंने तीन-चार गाने से अधिक नहीं गाए।


सवाल - लेकिन आपने 2010 में 15 गाने गाए, 2011 में 10, 2012 में 13, 2013 में आठ और 2014 एवं 2015 में सात-सात?

जवाब - अब ये तो निर्माता-निर्देशकों से पूछा जाना चाहिए कि वे मुझे क्यों नहीं ले रहे हैं?

'मुझे इल्म नहीं कि इसे पहले किसने गाया'

सवाल - इस साल आपका ‘रॉकी हैंडसम’ में एक गीत ‘ऐ खुदा’ आया था। दूसरा गीत ईद पर प्रदर्शित होने वाली ‘सुल्तान’ में ‘जग घुमिया’ है जिसके बारे में यह विवाद है कि इसे पहले अरिजीत सिंह ने गाया था?

जवाब - मुझे इस चीज का इल्म नहीं है कि पहले इसे किसने गाया है।

सवाल - कहीं गीतों के कम होने की वजह यह तो नहीं कि भारत में पाकिस्तान के कलाकारों को विरोध का सामना करना पड़ा है? प्रसिद्ध गजल गायक गुलाम अली के कुछ कार्यक्रम रद कर दिए गए थे।

जवाब - मेरे साथ इस तरह का विरोध कभी नहीं हुआ। मेरे साथ कोई पाबंदी नहीं है। मैं दूसरों के बारे में नहीं कह सकता।

सवाल - क्या आने वाली फिल्मों में कुछ गीत सुनने को मिलेंगे?

जवाब - तीन-चार गीत रिकॉर्ड हुए हैं लेकिन मुझे फिल्मों के नाम नहीं मालूम। मुझे फिल्मों का नाम कभी नहीं मालूम होता। जब ‘लागी तुमसे दिल की लगन गाया’ तब भी नहीं मालूम था कि कौन सी फिल्म है।
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'हॉलीवुड से भी बड़ी है भारत की फिल्म इंडस्ट्री'

सवाल - आपने नुसरत फतेह अली खान की कई रचनाओं की पुनर्रचना की है?

जवाब - नुसरत फतेह अली खान की कव्वालियों और दूसरी रचनाओं को पुनर्रचित किया है। जो धीरे-धीरे आने वाले हैं। वे लीजेंड हैं। हमने कई बार इसका विचार छोड़ना पड़ा लेकिन फिर लौटे।

सवाल - इस प्रकार की पुनर्रचनाओं को लेकर आपके क्या विचार हैं?

जवाब - सृजनात्मकता कभी भी खत्म नहीं होती। दुनिया में सृजनात्मकता चलती रहती है। संगीत में भी ऐसा होता है। गीतों को पुनर्सृजित किया जाता है। इसमें कोई बुराई नहीं है।

सवाल - भारत और पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री में क्या फर्क देखते हैं?

जवाब - पाकिस्तान की इंडस्ट्री छोटी है भारत की तो हॉलीवुड से भी बड़ी हो गई है।
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